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स्वयं के रोजगार से आत्मनिर्भर बने कई लोग

6 वर्ष पहले
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बेरोजगारोंको रोजगार के अवसर देना वैसे तो शासन का काम है, लेकिन अगर यह काम कोई निजी संस्था कर रही हो और उसके द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बन जाएं तो यह अपने आप में एक बड़ी बात है। ऐसा ही कुछ किया है ल्यूपिन मानव कल्याण संस्था द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर युवक और युवतियों ने। इस संस्था द्वारा अब तक 1007 लोगों को विभिन्न रोजगारों का प्रशिक्षण दिया गया है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का का काम अपने आप में सराहनीय है।

इस संस्था से ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त कर 303 महिलाएं जहां आत्मनिर्भर बनी हंै। वहीं कार ड्राइविंग, डाटा इंट्री आॅपरेटर, टेलरिंग, कंप्यूटर हार्डवेयर, हाउसिंग वर्किंग सहित अन्य प्रशिक्षणों के माध्यम से सैकड़ों की संख्या में लोग रोजगार से जुड़ गए हैं।

नहीं सुनना पड़ते ताने

नूरगंजनिवासी 23 वर्षीय उमांशकर शिक्षित होते हुए भी बेरोजगार थे। बेरोजगारी के कारण परिवार एवं मित्रों के ताने सुनना आम बात थी। वह अपने शौक भी पूरे नहीं कर पा रहे थे। उन्होंनेे बेल्डर का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने लिए स्वयं रोजगार तलाश लिया। आज वह स्वयं और परिवार के लिए 8000 रुपए की बचत कर रहे हैं।

टेलरिंग से बढ़ी आय

औबेदुल्लागंजके वार्ड 4 में रहने वाली 42 वर्षीय सरिता चौरसिया की कहानी भी कुछ इसी तरह है। अपने पति के 3000 रुपए मासिक आय पर परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हुआ तो उन्होंने टेलरिंग का प्रशिक्षण लेकर आज स्वयं 7000 रुपए से अधिक मासिक कमाकर परिवार को सहयोग कर रही हंै। परिवार के सदस्य भी उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।

आय में बंटा रही हाथ

औबेदुल्लागंजनिवासी 36 वर्षीय सुनीता बाई के पति देवी सिंह मेहनत मजदूरी कर बमुश्किल 6000 रुपए कमाते थे। इससे परिवार का जीवन यापन करना मुश्किल था। सुनीता ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह स्वयं 9000 रुपए मासिक कमा रही हंै, साथ ही अपने परिवार के लिए अच्छी खासाी बचत भी कर रही हंै।

सराहनीय पहल