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वर्ल्ड बैंक के अफसरों ने पूछा जंगल में कैसे लगती है आग

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | रायसेन/सिलवानी

अग्नि सुरक्षा कार्यों के निरीक्षण के लिए नई दिल्ली एवं भोपाल से उच्च वनाधिकारियों के साथ वर्ल्ड बैंक के सुपरवीजन ऑॅफिसर जिले में आए और उन्होंने अग्नि सुरक्षा, कटाई, जलाई कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान वे अमरावद,बाड़ी और सिलवानी के जंगलों में पहुंचे, वहां उन्होंने पूछा की जंगलों में आग कैसी लग जाती है। वन सुरक्षा समिति जमुनिया, धौलपुर के समिति सदस्यों से अग्नि सुरक्षा, वन सुरक्षा के बारे में चर्चा भी की । 27 जनवरी को दल जंगलों के भ्रमण के लिए आया था।

वर्ल्ड बैंक से राॅस स्मिथ,(आस्ट्रेलिया) एंड्रयू मिशेल एवं क्रिस साल(संयुक्त राज्य अमेरिका),विश्व बैंक शाखा नई दिल्ली के पीयूष डोंगरा, सेवानिवृत्त आईएफएस,सदस्य डीसी खंडूरी,चारू जैन, और भोपाल से मुख्य वन संरक्षक भोपाल, वृत्त भोपाल विजय नीमा, डीएफओ रमेश गनावा, एसडीओ एचसी गुप्ता ,आरके बैस, अखिलेश अग्रवाल, रजनीश शुक्ला,पूर्व सिलवानी के अरविंद कुमार, जैथारी से शिरोमणि मीणा उपस्थित रहे। वन सुरक्षा जमुनिया,उचेरा,धौलपुर में उपस्थित सदस्यों से विश्व बैंक दल द्वारा वनों में आग लगने की जानकारी और किस तरीके से काबू किया जा सकता है। इस संबंध में पूछताछ की।

महुआ एकत्र करने पेड़ के नीचे लगाई जाती है आग

सदस्यों द्वारा बताया गया कि वनों से जड़ी बूटी एवं जलाऊ, तेंदूपत्ता, महुआ एकत्र करना गोंद, शहद प्राप्त करना आदि से लाभ प्राप्त होता है। इससे हम जीवन यापन करते हैं। वन विभाग के विभिन्न कार्यों से हमें रोजगार मिलता है।

वनों में जो अग्नि की घटना होती है, उसका मुख्य कारण महुआ एकत्र करने के लिए वृक्षों के नीचे आग लगाना और रास्ते से वाहनों में बैठे लोगों द्वारा जलती बीड़ी फेंकना बताया गया। वनों को आग से बचाव के लिए क्या तरीके अपनाए जाकर किस तरीके से प्रभावी नियंत्रण किया जाए पर चर्चा निरीक्षण दल द्वारा की गई।

विश्व बैंक के दल ने की समितियोें से चर्चा

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