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अनफिट बसों का फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त के निर्देश पर अमल नहीं

7 वर्ष पहले
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रायसेन जिला मुख्यालय को छोड़कर ग्रामीण रूट पर चलने वाली करीब 40 बसें अनफिट हैं। कंडम हो चुकी इन बसों को भी आरटीओ कार्यालय से फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। अनफिट बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट निरस्त करने परिवहन मंत्री ने निर्देश जारी किए थे, लेकिन यहां उनके निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है।

मुख्यालय को छोड़कर अंचल में ज्यादातर बसों की स्थिति बेहद खराब है। इसके बाद भी आरटीओ कार्यालय से इन्हें बाकायदा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। बिना जांच किए ही बस संचालकों को 10 मिनट में कार्यालय से फिटनेस प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है और इसके बाद यह बसें बेधड़क होकर सड़कों पर दौड़ने लगती हैं। रोजाना करीब 100 बसें विभिन्न शहरों, कस्बों व ग्रामीण सड़कों पर चलती हैं। इनमें से आधी बसें कंडम हालत में हैं। इनकी हालत देखकर यात्री भी घबराने लगे हैं, लेकिन परिवहन विभाग इन पर कार्रवाई नहीं कर रही।

सड़कें अच्छी, बसें खराब
सुनवाहा निवासी रतनसिंह, नारायणपुर निवासी कमल लोधी, बम्होरी टीटोर निवासी संजय कुमार, पिपलिया विचोली निवासी ठाकुर हरनामसिंह ने बताया कि बेगमगंज, सागर, सिलवानी मार्ग पर चलने वाली बसों की हालत खराब है। बसें कम होने के कारण भी सफर मजबूरी में करना पड़ता है। सागर जाने वाली बसों की स्थिति भी बहुत खराब है। जबकि सड़कें अच्छी है उसके बावजूद कई जगह बस बंद हो जाती हैं और धक्का लगाकर चालू किया जाता है।

नियमित किया जाता है बसों का निरीक्षण
यात्री बसों का नियमित निरीक्षण किया जाता है। कई वाहनों पर कार्रवाई भी की गई है। बेगमगंज में भी दिखवा लेते हैं। यदि कंडम बसें मिलेंगी तो कार्रवाई की जाएगी। रंजना भदौरिया, आरटीओ रायसेन

दस मिनट में फिटनेस चेक
बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र के जारी करने में एजेंटों का दखल होने के कारण नियम बौने हो रहे हैं। यहां आरटीओ आफिस में 10 मिनट में बसें चेक हो जाती हैं। इसके बाद बस आपरेटर को प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। आरटीओ को बसों को रास्ते में चेक करना अधिकार भी है। पर आरटीओ रंजना भदौरिया ने कितनी बसों की जांच की है। आरटीओ कब कार्यालय में रहते हैं कब जांच करते हैं इसकी जानकारी किसी को नहीं है। जिले में कितने बसों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं हैं इसकी जानकारी भी परिवहन विभाग के पास नहीं है। कार्रवाई के नाम पर इक्का-दुक्का बस मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

प्रभावहीन हुए परिवहन मंत्री के आदेश
प्रदेशभर में अनफिट बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट निरस्त करने के आदेश परिवहन मंत्री ने जारी किए हैं, लेकिन रायसेन जिले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिवहन मंत्री का पड़ोसी जिला होने के बाद भी यहां यातायात नियमों की अनदेखी की जा रही है।

यहां चल रही हैं कंडम बसें
सुल्तानगंज, बरेली, उदयपुरा, सिलवानी, हैदरगढ़, खुरई मार्ग पर आज भी चार दर्जन से अधिक बसें कंडम हालत में चल रहीं हैं। कुछ बसें तो ऐसी हैं जिन्हें धकेलकर चालू करना पड़ता है और रास्ते में बंद हो जाती हैं। ऐसी बसों को भी आरटीओ कार्यालय में एकदम फिट बताया गया है। परिवहन मंत्री भूपेन्द्रसिंह ने अनफिट बसों की फिटनेस कैंसिल करने के आदेश दिए हैं, लेकिन रायसेन जिले में अभी तक एक भी बस पर कार्रवाई नहीं की गई है।

नगर की ज्यादातर बसें अनफिट होने के बाद भी सड़कों पर बेधड़क दौड़ रही हैं।

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