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एक साल में ही उखड़ी सड़क

7 वर्ष पहले
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जिलेभर में खराब गुणवत्ता के कारण बनने के साथ ही सड़कें उखड़ने लगी हैं। कई जगह पेंचवर्क के नाम पर रुपए को पानी की तरह बहाया जा रहा है। ऐसा ही हाल कोड़ी से विदिशा मार्ग का है। एक साल पहले बने इस 13 किलोमीटर के मार्ग में सैकड़ों गड्‌ढे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन फिर भी मौन है। जबकि करीब 1 िकमी मार्ग का निर्माण अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है।

निर्माण संबंधी सभी कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग से कराए जाते हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी गुणवत्ता को लेकर लापरवाह नजर रहा है। ऐसे में जनता का धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है। एक साल पहले कोड़ी से विदिशा का मार्ग निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था। इसका निर्माण कार्य पीडल्यूडी द्वारा किया गया था, लेकिन विभाग की अनदेखी कहें या भ्रष्टाचार कि सड़क का गुणवत्ताहीन निर्माण होने से सड़क उखड़ने लगी है। मार्ग पर होने वाले गड्ढे इस बात का प्रमाण दे रहे हैं। वहीं मार्ग पर वाहनों का दबाव भी बढ़ने लगा है।

भारी वाहनों का दबाव भी बढ़ा

सांचीसे विदिशा मार्ग पर पड़ने वाले रंगईपुल के छतिग्रस्त होने बाद से भारी वाहनों की आवाजाही परिवर्तित कर दी गई थी, तब से ही कोड़ी से मेहगांव होते हुए विदिशा पहुंच मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। अब उस पर लगातार गुजर रहे भारी वाहनों का भी दबाव बढ़ने लगा है, जिससे यह मार्ग पूर्ण रूप से दम तोड़ने लगा है। संकरे मार्ग पर बड़े वाहनों के गुजरने पर दुर्घटना होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। रोड पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके थे, कुछ ही दिनों पहले इस मार्ग पर पेंचवर्क कार्य शुरू हुआ है। ऐसे में इस मार्ग की हालत अधर में लटक गई है।

पहले ही किया था आगाह

इससंबंध में भास्कर द्वारा पहले ही आगाह किया गया था, लेकिन विभाग द्वारा किसी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाई गई। अब वाहनों के गुजरने पर गिट्टी उखड़ रही है। करीब से देखने पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क बनाने के लिए जो अनुपात डामर का होना चाहिए था, वह नहीं मिलाया गया। ऐसे गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के चलते सड़क में जगह-जगह गड्‌ढे हो गए हैं। हालांकि विभाग द्वारा निरीक्षण तो किया जा रहा है, लेकिन मार्ग की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क के निर्माण कार्य के बाद ठेकेदार को पूरा भुगतान नहीं किया जाता है। सूत्रों के अनुसार 5 प्रतिशत राशि विभाग के पास ज