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दो साल में भी नहीं हो पाया काम, लोग हो रहे हैं परेशान

6 वर्ष पहले
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राष्ट्रीयराजमार्ग क्रमांक- 12 जयपुर-जबलपुर के भोपाल सेक्शन को फोरलेन में बदलने की बाधाएं दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। करीब दो साल से 2688. 91 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले इस राष्ट्रीय राजमार्ग के दिन फिरने की उम्मीद लोग लगाए हुए हैं।

रायसेन जिले में यह राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश में सबसे ज्यादा करीब डेढ़ सौ किलोमीटर गुजरता है। हालांकि इसकी ज्यादा बुरी हालत बरेली अनुविभाग की उदयपुरा, बरेली और बाड़ी तहसील में ही है। हजारों वाहन चालकों को इस हिस्से से यात्रा करना हमेशा ही तकलीफदेह साबित होता रहा है। वाहन दुर्घटनाओं और वाहनों में टूटफूट भी बहुत ज्यादा होती है। यही वजह रही है कि इसके उद्धार की उम्मीद लोग लगाए हुए हैं।

यहथे बकाया काम

फोरलेनके नक्शे का लाइन ऑफ एलायमेंट ठीक नही था। एनएच की सेंटर लाइन से मौके पर सीमांकन करके करीब- करीब इसे दुरुस्त किया जा चुका है। इसके साथ ही बरेली, बाड़ी और उदयपुरा तहसील में इसकी सीमा में आने वाले कुआं,नलकूप,पेड़ ,मकान अन्य निर्माणों की सूची तैयार की गई है। अर्जित की जाने वाली जमीन के सिंचित-असिंचित डायवर्सन की स्थिति भी दर्ज की जा चुकी है।

तीननए बायपास बने

बरेलीअनुविभाग में एनएच-12 पर तीन बायपास बनना है। खरगोन, बाड़ी और बरेली में बायपास के साथ ही नागिन मोड़ पर भी सुधार का काम होगा। इस तरह इन स्थानों पर भीतरी भाग में ट्रैफिक भीड़ से राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

हम जिम्मेदारी से कर रहे हैं अपना काम

^राजस्वविभाग की जिम्मेदारी इस मामले में भूमि अधिग्रहण तक ही होती है। काम में अन्य कोई बाधा आने पर प्रशासन उसे भी दूर कर देता है। हम हमारा काम जिम्मेदारी से कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अन्य काम एनएचएआई और एमपीएसआरडीसी के हैं। इनके अधिकारियों से चर्चा करने के बाद ही इस बारे में ज्यादा कुछ कहा जा सकता है। ओपीसोनी, एसडीएम, बरेली

खस्ता हालत में जयपुर-जबलपुर हाईवे की सड़क।