शक्ति की साधना के साथ लिए संकल्प
कार्यालय संवाददाता | रायसेन
गुरुवारसे शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्रि भक्ति भाव के साथ शुरू हो गया है। मंदिरों में सुबह अभिषेक, पूजन के साथ घट स्थापना की गई। वहीं देवी भक्तों ने मंदिरों में पहुंच कर मां भगवती के दर्शन कर उनकी आराधना की। शारदेय नवरात्रि के उपलक्ष्य में शहर में करीब 67 स्थानों पर मां अंबे की आकर्षक प्रतिमाओं की स्थापना की गई है।
शहर के जिला अस्पताल स्थित सिद्धि दात्री माता मंदिर, शिवोम तीथ मुखर्जीनगर, गंजबाजार के मां काली मंदिर, गोपालपुर के देवी मंदिर, तहसील स्थित माता मंदिर में सुबह से ही दर्शनों के लिए देवी भक्त उमड़ते दिखाई दिए। वहीं शहर में दोपहर बाद देवी प्रतिमाओं को गाजे बाजे के साथ झांकी स्थल पर लाना प्रारंभ हो गया था।
वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ मां भगवती की प्रतिमाओं की स्थापना का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। वहीं मां शक्ति की आराधना करने के लिए देवी भक्तों द्वारा अपने-अपने तरीके से व्रत रखे हैं। किसी ने नौ दिन तक मौन व्रत रखकर मां भगवती की आराधना का संकल्प लिया है तो किसी ने नौ दिनों के उपवास शुरू कर दिए हैं। देवी के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों द्वारा जल ढारने और भजन पूजन करने का सिलसिला शुरू हो गया था। दिन भर मंदिरों में शंख झालर और मां अंबे के जयकारों की आवाज सुनाई देती रही।
सजे पंडालों में विराजीं माता
शहरके गली, मोहल्लों और चौराहों पर मां भगवती की स्थापना के लिए आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं। शहर में करीब पचास से अधिक स्थानों पर मां भगवती की प्रतिमाएं स्थापित की गईं हैं। पंडालों को आकर्षक विद्युत रोशनी से से सजाया गया है। बस स्टैंड पर सात लाख रुपए की लागत से केरल के पदमनाभ मंदिर की आकृति बनाकर उसमें मां दुर्गे की प्रतिमा की स्थापना की गई है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी मां दुर्गे की मनमोहक प्रतिमाओं को विराजमान किया गया है।
बाजारोंमें लौटी रौनक
नवरात्रिपर्व शुरू होते ही बाजारों में रौनक लौट आई है। बारिश का मौसम और श्राद्ध पक्ष के चलते बाजारों सन्नाटा चल रहा था। अब शुभ मुहूर्त आने से सराफा, इलेक्ट्रोनिक सहित अन्य दुकानों पर खरीददार उमडऩे लगे हैं, जिससे बाजार भी गुलजार होने लगा हैं। विशेष रूप से कपड़े, ज्वेलरी, बर्तन, पूजा-अर्चना सामग्री, मिठाई की दुकानों पर अधिक भीड़ जुट रही है।
रायसेन। विधिविधान के साथ पं