सोलर पैनल यूनिट बंद
रायसेन शहर में हर कभी बिजली गुल होना आम बात है। जहां पर जिला अस्पताल स्थित है, उसका कनेक्शन गोपालपुर फीडर से जुड़ा हुआ है। इस फीडर पर लोड अधिक होने से आए दिन फाल्ट और तार टूटने की स्थिति बनती है और घंटों बिजली गुल रहती है। इस फाल्ट और तार जोड़ने में बिजली कर्मचारियों काे तीन से पांच घंटे तक का समय लग जाता है। दिन में तो ज्यादा दिक्कत नहीं आती, परंतु रात के समय बिजली गुल होने से जिला अस्पताल में अंधेरा पसर जाता है। ऐसी हालत में अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ ही उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए सोलर पैनल लगवाए गए थे लेकिन अनदेखी के कारण उसका लाभ अस्पताल में भर्ती मरीजों और कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है। हालत यह होती है िक गर्मी के दिनों में जब बिजली गुल हो जाती है तो भर्ती होेने वाले मरीजों का वहां रहना मुिश्कल हो जाता है। अन्य दिनों में भी बिजली की आवाजाही का दौर चलता रहता है। इससे गंभीर हालत में ही मरीज भर्ती होते हैं। सामान्य मरीज तो यही चाहते हैं कि उन्हें भर्ती किया जाए तो अच्छा है। जनअपेक्षा है कि सोलर पैनल को चालू कराया जाए िजससे किसी भी मौसम में बिजली गुल होने की स्थिति में यहां आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़े।
सोलर पैनल सुधरवाने के चल रहे हैं प्रयास
^जिलाअस्पताल में एक साल पहले बिजली बिल कम करने के उद्देश्य से सोलर पैनल यूनिट लगवाई गई थी। पैनल के लगने के बाद से ही पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही थी। बारिश के दौरान जिला अस्पताल के पास आकाशीय बिजली गिरी थी, तब से तो सोलर पैनल यूनिट काम करना ही बंद कर दिया है। इस सोलर पैनल यूनिट को ठीक करने के लिए लगातार पत्र व्यवहार किया जा रहा है, लेकिन अब तक उसे नहीं सुधारा गया है। डॉ.शशि ठाकुर, सीएमएचओ रायसेन
जिला अस्पताल में कई माह से बंद है सोलर पैनल।