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आई कार्ड से होगी मजदूरों की पहचान

6 वर्ष पहले
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नगरके कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों की पहचान अब आईकार्ड के जरिए होगी। इससे औद्योगिक क्षेत्र में चोरी और लूट की वारदातों में तो कमी आएगी] इसके साथ ही आदतन अपराधी भी पुलिस की गिरफ्त में आसानी से सकेंगे। पुलिस जल्द ही कंपनी और ठेका मजदूरों का डाटा कलेक्ट करेगी। पुलिस का मानना है कि इससे घटित होने वाले अपराधों पर अंकुश लग सकेगा।

एसपी दीपक वर्मा ने कारखाना संचालकों से उनके यहां काम करने वाले परमानेंट और केजुअल सभी तरह के मजदूरों की जानकारी जुटाकर उनके आई कार्ड बनाने और आधार नंबर फोटो के साथ इनकी संपूर्ण जानकारी थाने को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में टीआई नरेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को कई लोग घूमते हुए मिलते हैं। पूछने पर सब यही बताते हैं कि वे फैक्ट्री से ड्यूटी कर वापस घर लौट रहे हैं। उनके पास पहचान का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं होता। ऐसे में हमें मजबूरीवश उन्हें छोडऩा पड़ता है। इसका फायदा उठाकर चोर और बदमाश कंपनियों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद भी आसानी से बच निकलते हैं। मजदूरों की सटीक पहचान के साथ यह नई व्यवस्था लागू होने से जहां आपराधिक किस्म के व्यक्ति पुलिस की गिर में होंगे। वहीं अपराधों पर भी अंकुश लग सकेगा।

किरायदारोंकी भी जुटा रहे जानकारी : टीआईश्री राठौर ने बताया कि अक्सर अपराधी बाहर के शहरों में अपराध कर यहां आकर अपनी पहचान छिपा लंबे समय तक यहीं रहते हैं। और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते रहते हैं। इसके लिए हम किराएदारों का भी डाटा कलेक्ट कर रहे हैं। इससे उनकी पहचान बेहद आसान हो जाएगी।

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^कंपनीप्रबंधकों से उनके यहां काम करने वाले नियमित ठेका मजदूरों की सटीक पहचान के लिए आईकार्ड बनाने के लिए कहा गया है। वहीं पुलिस को मकान मालिकों से उनके किराएदारों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। दीपकवर्मा,एसपी रायसेन

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