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हेलीकॉप्टर से किले और सांची स्तूप की फोटोग्राफी

7 वर्ष पहले
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आर्किलॉजिकल सर्वे आॅफ इंडिया विभाग को नहीं थी सूचना

शनिवारदोपहर हेलीकॉप्टर जिले के पर्यटन स्थलों की फोटोग्राफी की। नीले रंग का यह हेलीकॉप्टर करीब एक बजे भोजपुर मंदिर के ऊपर दिखाई दिया। इसके बाद 1.30 बजे के आसपास करीब 10 मिनट तक रायसेन के किले की पहाड़ी पर उतरा। इसके बाद सांची गया। इस दौरान प्रशासनिक जानकारी नहीं होने से शहर में कई प्रकार के कयासों का सिलसिला शुरू हो गया हालांंकि कलेक्टर का कहना है कि इसकी सूचना पहले से प्रशासन को थी।

पहाड़ीपर उतरता हुआ दिखा हेलीकॉप्टर : एकहेलीकॉप्टर दोपहर करीब 1.30 बजे किले का चक्कर लगाते हुए करीब 5 मिनट बाद पहाड़ी पर ही लैंड करता हुआ दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों में शामिल मनमोहन शर्मा ने बताया कि करीब 5 मिनट किले पर घूमने के बाद हेलीकॉप्टर पहाड़ी पर ही उतरता हुआ दिखाई दिया है। इसके बाद हेलीकॉप्टर सांची की ओर रवाना हो गया।

हेलीकॉप्टर ने की फोटोग्राफी

हेलीकॉप्टरके उतरने अथवा मार्ग से गुजरने की किसी प्रकार की जानकारी आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया विभाग को नहीं थी। अब अचानक भोजपुर के मंदिर, रायसेन का किला और सांची पर देर तक मंडराने से संदिग्ध स्थिति मानी जा रही थी। इस मामले में शहर में भी कई प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं। इस संबंध में आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया विभाग के सहायक संरक्षक संदीप जायसवाल ने बताया कि दोपहर के समय हेलीकॉप्टर के मंडराने की सूचना मिली थी। संदिग्धता को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई थी, लेकिन इस मामले की जानकारी लेने के बाद मालूम हुआ कि शासकीय हेलीकॉप्टर से पर्यटन स्थलों की फोटोग्राफी की गई थी।

फोटोग्राफी के लिए आया हेलीकॉप्टर

^पर्यटनको बढ़ावा देने के लिए शासकीय स्तर पर जिले के पर्यटन स्थलों की फोटोग्राफी की जा रही है। इसी योजना के तहत शासकीय हेलीकॉप्टर से दोपहर के समय फोटोग्राफी की गई है। इसकी सूचना प्रशासन को पहले से थी। जेकेजैन, कलेक्टररायसेन