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कार्रवाई के डर से स्कूल ही नहीं पहुंचे आॅटो

7 वर्ष पहले
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व्हीकलएक्ट के नियम और हाईकोर्ट के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने वाले आॅटो चालकों के खिलाफ मंगलवार को यातायात पुलिस ने अभियान चलाया। इसके बाद से ही शहर के आॅटो चालकों में हड़कंप मचा रहा। पुलिस द्वारा आॅटो चालकों के चालान बनाए गए। शहर में वाहनों की जांच होने की खबर मिलने के बाद कई आटो चालक स्कूलों में बच्चों को लेने ही नहीं पहुंचे।

लंबे समय से आॅटो चालकों द्वारा क्षमता से अधिक सवारियों कोे ढोया जा रहा है। वहीं चालकों द्वारा स्कूली बच्चों को ठूंस-ठंूस कर बैठा लिया जाता है। कई ऑटो में तो छात्रों को गेट पर भी लटका लिया जाता है। इस अव्यवस्था को देखते हुए एसपी दीपक वर्मा ने लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलने के बाद पिछले सप्ताह सभी आॅटो चालकों को क्षमता के अनुसार यात्री बैठाने की हिदायत दी गई थी। इसके बाद आॅटो चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस संबंध में यातायात थाना प्रभारी यशवंत शर्मा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के अनुसार ही क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है। इस तरह का अभियान लगातार चलाया जाएगा।

स्कूल संचालकों द्वारा की जा रही लापरवाही

कार्रवाईके दौरान अधिकतर आॅटो में सेंट फ्रांसिस स्कूल के बच्चे ठूंस-ठूंस कर ले जाए जा रहे थे। सूत्रों के अनुसार शहर में विदिशा रोड पर सेंट फ्रांसिस स्कूल, सागर रोड पर शाइनिंग पब्लिक स्कूल और ड्रीम इंडिया स्कूल में दूरस्थ क्षेत्र केे ज्यादातर बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को स्कूल से सुरक्षित घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पालकों के साथ स्कूल प्रबंधन की भी होती है, लेकिन बच्चों की जान को जोखिम में डालने वाले आॅटो चालकों को हिदायत नहीं दी जाती है, क्योंकि स्कूल संचालकों को सिर्फ स्कूल की फीस प्रभावित हाेनेे का भय बन रहता है। इससे चालकों द्वारा छात्रों को जानवरों की तरह आटो में भरा जात है। ऐसे में बड़े हादसे होने की संभावना बनी रहती है।

रायसेन। मंगलवारसुबह सागर तिराहे पर परिवहन अधिकारी ने दस्ते के साथ वाहनों की जांच की एवं चालानी कार्रवाई की।