अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू
बदल गई छात्रों की दिनचर्या
जिलेके हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल में सोमवार से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गईं, जो 15 दिसंबर तक चलेंगी। इसके बाद विद्यार्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिका भी दिखाई जाएगी, ताकि वे परीक्षा में की गई गलतियों को सुधार सकें। यह सारी कवायद 10वीं और 12वीं का रिजल्ट सुधारने के लिए की जा रही है।
जिले भर के स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराई जा रही हैं।
परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है। परीक्षाओं के चलते छात्र-छात्राओं की दिनचर्या भी बदल गई है। वे जल्दी उठ कर परीक्षाओं की तैयारियां भी कर रहे हैं, ताकि अर्द्धवार्षिक परीक्षा में उनका रिजल्ट बेहतर बन सके। बोर्ड पैटर्न पर चल रही परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों के मन से परीक्षाओं का भय समाप्त करना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी भी कराना है। इस परीक्षा का मूल्यांकन भी इसी पैटर्न पर होगा। परीक्षाओं के बाद बच्चों को इन सारी जानकारियों से अवगत कराया जाएगा।
पेपर से 18 अंक के प्रश्न गायब
स्वामीविवेकानंद काॅलेज मेें परीक्षा देने आए एमकाम प्रथम वर्ष के छात्रों के उस समय होश उड़ गए, जब अर्थशास्त्र के पेपर में 18 अंक के प्रश्न ही नहीं पूछे गए। छात्र-छात्राओं द्वारा इसकी शिकायत प्राचार्य से करने पर उन्होंने बीयू के कुलपति को अवगत करा दिया है। छात्र आशीष खरे, प्रमोद लोधी और उर्मिला ने बताया कि अर्थशास्त्र के पेपर में विकल्प के प्रश्नों में 3 अंक का प्रश्न नहीं पूछा गया। इसी प्रकार 15 अंक के अन्य प्रश्न भी नहीं पूछे गए। इस तरह 18 अंक के प्रश्न पेपर से नदारद थे। सिर्फ 82 अंकों का ही पेपर आया, इसलिए छात्रों को 18 अंक बोनस के रूप में दिया जाना चाहिए।
होगी समीक्षा
^अर्द्धवार्षिकपरीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराई जा रही हंै। इनका मूल्यांकन भी इसी आधार पर होगा। इस परीक्षा में जो विद्यार्थी कमजोर रहेंगे, उनकी अलग से निदात्मक कक्षाएं लगाई जाएंगी, ताकि 10वीं - 12 वीं का रिजल्ट बेहतर बनाया जा सके। आनंदशर्मा, प्राचार्यउत्कृष्ट विद्यालय रायसेन
रायसेन। परीक्षाहालमें परीक्षा देते विद्यार्थी