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हाथों को मिले हुनर से कैदी होंगे आत्मनिर्भर
रायसेन | जेलमें सिर्फ अपराधों का प्रायश्चित ही नहीं होता, बल्कि कैदियों के जीवन स्तर में सुधार लाया जाता है, लेकिन जब कैदी जेल से बाहर निकलते हैं तो सबसे पहले रोजगार की जरूरत होती है। ऐसे में कैदियों के पास हुनर होगा तो वे आत्मनिर्भर हो सकेंगे। हुनर सेंट आरसेटी का यह प्रयास सराहनीय है। यह बात एसडीएम उमराव सिंह मरावी ने जेल में कैदियों को संबोधित करते हुए कही।
जिला जेल में सेट आर सेटी द्वारा कैदियों को अगरबत्ती बनाने का 15 दिनों तक प्रशिक्षण दिया गया। मंगलवार को प्रशिक्षण के समापन पर कैदियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस मौके पर पहुंचे एसडीएम श्री मरावी द्वारा कैदियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर आरसेटी डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने बताया कि उनके संस्थान द्वारा निरंतर युवाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
एक वर्ष में 424 को मिला प्रशिक्षण
इसअवसर पर डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने बताया कि इस वर्ष में सेंट आरसेटी संस्थान द्वारा 16 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें कुल 424 प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षित किया गया। संस्थान द्वारा अभी तक 63 प्रशिक्षण कार्यक्रम किए गए। कुल 2004 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। इसके अलावा 1617 युवकों का रोजगार भी शुरू कराया गया।