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अब तक नहीं मिली छात्रवृत्ति

6 वर्ष पहले
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काॅलेजोंमें अध्ययन करने के लिए पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को शासन द्वारा छात्रवृत्ति दी जाती है। इस दौरान पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान आए, इसके लिए भी अनुदान दिया जाता है, लेकिन सत्र समाप्त होने की कगार पर होने के बाद भी छात्रवृत्ति की राशि छात्रों के खातों में नहीं आई है। छात्रवृत्ति नहीं मिलने से जिलेभर के छात्र-छात्राओं को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में छात्रों को रोजाना कालेजों के चक्कर लगाना पड़ रहे हैं, वहीं बैंक खातों में रुपए आने का इंतजार भी है।

इन दिनों जिले के 19 काॅलेजों में अध्ययनरत अजजा, अजा और पिछड़ा वर्ग के करीब 5 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं ने प्रशासन से मिलने वाली छात्रवृत्ति के भरोसे काॅलेजों में प्रवेश लिया था। सामान्यतया दिसंबर तक छात्रवृत्ति मिलने लगती थी, जिससे काॅलेजों की फीस जमा करने के साथ ही छात्र पढ़ाई से संबंधित जरूरतें पूरी कर लेते थे, लेकिन इस बार छात्रवृत्ति मिलने में देरी हो रही है। समय रहते छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण छात्र-छात्राओं पर निजी काॅलेजों की फीस जमा करने का दबाव दिखाई देने लगा है।

आर्थिक तंगी का दौर

स्वामीविवेकानंद काॅलेज के छात्र प्रवेश विश्वकर्मा और दिनेश राय सहित अन्य छात्रों ने बताया कि जिले के काॅलेजों में पढ़ने वाले कई छात्र ऐसे हैं जो किराए के रूम लेकर तहसील और जिला मुख्यालय पर निवास कर रहे हैं। अब बेहतर पढ़ाई करने के लिए कोचिंग भी लगा रखी है। वहीं अन्य खर्च भी भुगतना पड़ रहा है। इस व्यय के वहन के लिए छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति की आस लगा रखी है, लेकिन लेट-लतीफी होने के कारण अब छात्रों को आर्थिक तंगी के दौर से गुजरना पड़ रहा है।

पोर्टल में हो रही देरी

सूत्रोंके अनुसार जिलेभर के काॅलेजों के छात्रों को मिलने वाली पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति फरवरी के आखिरी तक मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अभी तक छात्रवृत्ति की मैपिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी आती थी। एक ही छात्र दो-दो संस्थानों में प्रवेश दर्शाकर छात्रवृत्ति प्राप्त कर लेते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया पोर्टल पर संपन्न हाे रही है। पोर्टल पर सभी छात्र-छात्राओं की जानकारी और दस्तावेज फीड किए जाएंगे, जिससे इस प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की बात कही जा रही है। सभी काॅलेजों को विभाग द्वारा दस्तावेज एकत्रित करने के लिए कहा गया है। पोर्टल खुल गया है, फीडिंग का काम शुरू हो गया है।

पोर्टल तैयार होने से आएगी पारदर्शिता

^प्रदेशस्तर पर एक नया पोर्टल तैयार किया गया है। पोर्टल खुलने में देरी तो हुई है। इस पोर्टल पर सूक्ष्मता के साथ छात्रों की जानकारी फीड होगी, इसके बाद ही खातों में राशि पहुंचाई जा सकेगी। इस प्रक्रिया से छात्रवृत्ति के वितरण में पारदर्शिता आएगी। अविनाशचतुर्वेदी, जिलासंयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग

500 से अिधक आवेदन एकत्रित करा लिए

^नयापोर्टल तैयार किया गया है। पोर्टल खुलने का इंतजार है। आदिम जाति कल्याण विभाग से निर्देश मिले थे कि छात्रों के आवेदन और दस्तावेज संग्रहित करके रखें, पहले ही कालेज के पांच सौ से अधिक आवेदन एकत्रित करा लिए गए थे। सूचना मिलने पर सभी आवेदन जमा कराएंगे। जेएसकुर्वेती, छात्रवृत्तिप्रभारी स्वामी विवेकानंद कालेज

पढ़ाई के समय में बैंकों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं कॉलेज के विद्यार्थी।