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निर्माण कार्य से इलाज में बाधा

7 वर्ष पहले
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जिलाचिकित्सालय में आने वाले मरीजों के परिजनों को सुविधाओं के अभाव में बड़ी मशक्कत करना पड़ रही है। इन दिनों सबसे बड़ी समस्या निर्माणाधीन ऑपरेशन थिएटर बना हुआ है। पुराने भवन को दुरुस्त कर ओटी में फिनिशिंग का काम किया जा रहा है, लेकिन इस काम में महीनों लग गए हैं, अभी भी एक महीने से ज्यादा का समय लग सकता है। ऐसे में गंभीर रूप से घायल हुए मरीजों को भोपाल रेफर करना पड़ रहा है।

जिला अस्पताल प्रबंधन मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं देने में असफल साबित होता दिखाई दे रहा है। रायसेन के आसपास के क्षेत्रों में दुर्घटना होने पर घायल मरीज जिला अस्पताल ही आते हैं, लेकिन अस्पताल में गंभीर रूप से घायलों के इलाज के लिए सुविधाएं ही नहीं हैं। लोगों को सीटी स्कैन, ईसीजी, इंडोस्कॉपी जैसी सुविधाओं के अभाव में भोपाल रेफर किया जाता है। वहीं गंभीर रूप से घायलों के ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थिएटर ही बंद पड़ा हुआ है। महीनों से ऑपरेशन नहीं हुए हैं।

धीमीगति से चल रहा कार्य

अस्पतालके पुराने भवन में ही ऑपरेशन थिएटर की मरम्मत काम किया जा रहा है। कार्य की गति इतनी धीमी है कि सिर्फ दो कमरों को तैयार करने में ठेकेदार द्वारा महीनों का समय लगा दिया गया है, जबकि भवन जुलाई के आखिरी सप्ताह तक पूरा किया जाना था। निर्माण कार्य के चलते गंभीर मरीजों के ऑपरेशन तक नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि ठेकेदार ने फिर से अगले माह तक फिनिशिंग का काम पूर्ण होने की बात कही है।

निर्माण कार्य जल्द हो जाएगा पूरा

^जिलाअस्पताल में लगातार सुविधाएं जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीजर सहित सामान्य होने वाले ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मुख्य ओटी में फिनिशिंग का काम चल रहा है। जल्द निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। मरीजों को किसी प्रकार का इंफेक्शन हो, इससे अच्छा है कि कुछ दिनों ऑपरेशन हों। काम पूरा होते ही गंभीर मरीजों के ऑपरेशन भी किए जाने लगेंगे। शशिठाकुर, सीएमएचओरायसेन

ट्रामा सेंटर बनने की खबर से जगा था विश्वास

दोवर्ष पहले जिले के लोगों में ट्रामा सेंटर बनने की खबर से स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर एक विश्वास की किरण जागी थी। इसके बाद से ही लोग आस लगाए बैठे हैं कि जल्द ही ट्रामा सेंटर तैयार हो जाएगा। ऐसे में गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों को दूसरे शहरों के अस्पतालों का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा, लेकिन ट्रामा सेंट