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कम राशि मिलने से किसान नाराज

7 वर्ष पहले
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सत्र 2013 से इंतजार कर रहे किसान नष्ट हुई फसल की बीमा राशि मिलने की खबर से ही प्रसन्न दिखाई दे रहे थे। इस खुशी को लेकर जब किसान कार्यक्रम में पहुंचे, तो पता चला कि जितना नुकसान हुआ था, उसके हिसाब से एक चौथाई बीमा राशि ही स्वीकृत की गई है। इस दौरान कई प्रमाणपत्रों पर नाम नहीं था तो कई पर राशि ही नहीं अंकित थी।

प्रथम चरण के अनुसार 38 हजार किसानों को बीमा राशि स्वीकृति के प्रमाण पत्र वितरित किए जाने थे। इस कार्यक्रम की खबर मिलते ही किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ आई थी इस दौरान किसान कार्यक्रम में इसलिए पहुंचे , कि उन्हंे वहां पर बीमा राशि दी जाएगी। वहां पता चला कि राशि बैंक खातों में पहुंचेगी। कार्यक्रम में मिले प्रमाण पत्रों को देख किसान स्वयं को छला हुआ महसूस कर रहे थे। वीदपुरा के शैय्यद जावेद हुसैन, मानपुर के अवधनारायण राय, बर्नी गांव के चैन सिंह राजपूत सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि 80 से 90 फीसदी नुकसान हुआ था, लेकिन अब महज 15-16 प्रतिशत बीमा राशि ही स्वीकृत हुई है।

गृहमंत्री के जाते ही खाली हुए स्टॉल

किसानोंने बताया कि राशि मिलने से पहले ही सरकार श्रेय लेना चाह रही थी, इसलिए बीमा राशि के प्रमाण पत्र वितरित कर दिए गए हैं, जबकि अभी खाते में राशि नहीं पहुंचाई गई है। वहीं बैंक कमचारियों और सोयायटियों द्वारा प्रमाण पत्रों के वितरण में दबाव देखा जा रहा था। गृहमंत्री के कार्यक्रम के दौरान स्टॉल लगाए गए थे, लेकिन गृहमंत्री के रवाना होने से पहले ही स्टॉल से कर्मचारी गायब होने लगे थे। कई प्रमाण पत्रों में राशि नहीं भरी गई थी नूरनगर निवासी नर्मदाप्रसाद शर्मा ने बताया कि उसे जो प्रमाण पत्र दिया गया है, उस पर राशि ही अंकित नहीं थी।

ब्लाकवार बीमा दावा राशि

ब्लाककिसान स्वीकृत राशि

सांची 7403 10.96 करोड़

गैरतगंज 3151 7.37 करोड़

औ.गंज 7034 11.50 करोड़

बाड़ी 6534 3.89 करोड़

सिलवानी 7368 3.27 करोड़

बेगमगंज 1954 4.93 करोड़

उदयपुरा 5227 2.66 करोड़

किसान स्वयं तय करेगा फसलों का रेट: प्रभारी मंत्री

कार्यक्रममें जिले के प्रभारी एवं गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने सात ब्लॉकों के किसानों को 10 प्रमाणपत्र बांटे। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब दूसरे विकसित देशों की तरह भारत का किसान स्वयं फसल का रेट तय करेगा। उस दिन ही देश में राम राज्य आएगा। प्