साइड इफैक्ट पर अब सीधे कर सकेंगे शिकायत
फार्मा की विजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया को की जा सकती है शिकायत, दोषी मिलने पर कार्रवाई
कार्यालय संवाददाता | रायसेन
अबअगर किसी दवा, टीके या इंजेक्शन से शरीर में साइड इफैक्ट हुआ तो मरीज या परिजन इसकी सीधे तौर पर शिकायत कर सकते हैं। वे खुद रिपोर्टिंग फार्म भरकर दवा कंपनियों और चिकित्सों पर कार्रवाई करा सकते हैं। पहले यह अधिकार केवल डॉक्टरों तक सीमित था, अब मरीजों को रहेगा।
जिले में साइड इफैक्ट से आए दिन मौत होती है। गलत इंजेक्शन के कारण मरीज जान गवां देते हैं। स्वास्थ्य विभाग जांच के नाम पर कागजी खानापूर्ति कर लेता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय ने फार्मा को विजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया की शुरुआत की है। इसके तहत विभिन्न राज्यों में एडवर्स ड्रग रिएक्शन मॉनीटरिंग सेंटर की स्थापना की गई है। दवा, टीका या इंजेक्शन से किसी तरह का साइड इफैक्ट होगा तो मरीज या परिजन सीधे फार्मा को विजिलेंस पर शिकायत कर सकेंगे। शिकायत पर विजिलेंस संबंधित डॉक्टर या दवा कंपनी पर कार्रवाई करेगी। मरीज या परिजन को साइड इफैक्ट के लिए शिकायत के साथ रिपोर्टिंग फॉर्म भरकर भेजना होगा। जरूरी नहीं रिपोर्टिंग फॉर्म वे भरेंगे जो इलाज कर रहे हैं। मरीज दूसरे डॉक्टर से जांच के बाद भी रिपोर्टिंग फार्म भरकर भेज सकते हैं। इसके बाद विजिलेंस ऐसी कंपनी और लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई कर सकती है।
देनाहोगी यह जानकारी: रिपोर्टिंगफॉर्म में मरीज का नाम, पता, उम्र, वजन टेलीफोन, मोबाइल नं, ईमेल, बीमारी का इलाज कर रहे डॉक्टर, फर्मासिस्ट या सेल्फ मेडिकेशन का पता, दवा लेने के बाद किस तरह साइड इफैक्ट कितना बुरा था। दवा की मात्रा, अस्पताल में भर्ती दिनांक, मृत्यु दिनांक आदि की जानकारी देना होगी।
येमिलेगा फायदा
नएनियम से स्वयं रिपोर्ट भेजने की सुविधा मिलने से वह तत्काल दवा के साइड इफैक्ट की जानकारी दे सकेगा। इसके साथ ही फॉर्मा को विजिलेंस सेंटर को तुरंत जानकारी मिल सकेगी।
इससे वह ऐसी दवाओं की बिक्री और निर्माण पर रोक की कार्रवाई को अंजाम दे सकेगा।
यहां करें शिकायत
फॉर्माको विजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालयए नई दिल्ली
टोल फ्री नंबर. 1800 180 3024
अबतक यह होता था
साइडइफैक्ट पर मरीज कहीं शिकायत नहीं कर पाता था।