स्वाइन फ्लू से पीड़ित की भोपाल में मौत
जिले में स्वाइन फ्लू पैर पसारने लगा है। इससे शुक्रवार की शाम एक और व्यक्ति की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक खरबई में रहने वाले 45 वर्षीय जमना मालवीय काे सर्दी-खांसी के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हालत बिगड़ने पर उसे भोपाल रेफर किया गया। वहां पर उसकी मौत हो गई। इससे पहले बुधवार को शहर के गंज बाजार में रहने वाली बृजेश साहू की प|ी संगीता साहू की मौत हो गई थी। विशेषज्ञों के मानें तो तापमान बढ़ने के कारण स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़ने लगे हैं। पिछले साल भी स्वाइन फ्लू से कई लोग प्रभावित हुए थे। आधा दर्जन मौतें भी जिले में इस बीमारी के चलते हुई थीं। इस बार फिर से स्वाइन फ्लू की दस्तक शुरू हो गई है, जिससे लोगों में दहशत फैल रही है। थोड़ी सी सर्दी खांसी होते ही लोग डाॅक्टरों के पास इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
इस तरह से कर सकते हैं बचाव
डॉ यशपाल बाल्यान ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लिए भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा दिन में बार-बार साबुन से हाथ धोना चाहिए। सर्दी-खांसी होने पर मुंह पर रुमाल रखें। डॉक्टर को दिखाएं।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू को तीन कैटेगरी में बांटा गया हैं । सर्दी-खांसी और हल्का बुखार होने पर मरीज को ए कैटेगरी का माना जाता है। बी ग्रेड के मरीज को सर दर्द, बदन दर्द और खांसी-जुकाम की शिकायत होती है। सी कैटेगरी के मरीज को उक्त लक्षणों के अलावा सांस लेने में तकलीफ होती हैं। इन लक्षणों से स्वाइन फ्लू की पहचान की जा सकती है।