अनदेखी से बढ़ी मुसीबत
हाउसिंगबोर्ड काॅलोनी शहर की प्रमुख कालोनियों में शुमार है, लेकिन काॅलोनी में पहुंचते ही असुविधाओं का मंजर दिखाई स्पष्ट देने लगता है। इन दिनों काॅलोनी में बना सैफ्टिक टैंक हादसे को न्यौता दे रहा है। गुणवत्ताहीन सड़कें और पार्क की दुर्दशा से लोग परेशान हैं, वहीं बाउंड्री के अभाव में काॅलोनी के लोग स्वयं को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।
हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी का निर्माण मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा कराया गया था। 2009 से काॅलोनी नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में दे दी गई है, लेकिन तब से ही काॅलोनी की दुर्दशा लगातार बढ़ती जा रही है। काॅलोनी की व्यवस्थाओं पर नगर पालिका प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। काॅलोनी के आखिरी छोर पर पॉलीटेक्निक कालेज के ठीक सामने बना सैप्टिक टैंक हादसे को न्योता दे रहा है। पूरी कालोनी के टैंकों से गंदा पानी इस टैंक में आकर जमा है, लेकिन इस टैंक को ढंका तक नहीं गया है। इस खुले टैंक के आसपास से रोजाना स्कूलों के बच्चे गुजरते हैं, कभी भी किसी प्रकार की दुर्घटना हो सकती है, लेकिन नपा प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सड़कें हुईं जर्जर
इसीतरह काॅलोनी की सड़कें भी गुणवत्ता के साथ हुए समझौते की कहानी बयां कर रही हैं। कांक्रीट की सड़कें पूरी तरह जवाब दे चुकी हैं। बड़ी-बड़ी दरारों में लोगों के वाहन बहक रहे हैं। पैदल आने-जाने वाले बच्चों को भी परेशानी हो रही है। कालोनी में बाउंड्री तक तैयार नहीं की जा रही है। कालोनी के आसपास रात के समय असामाजिक तत्वों की चहलकदमी शुरू हो जाती है।
नहीं होती साफ-सफाई
कालोनीमें कई दिनों तक साफ-सफाई नहीं होती है। ऐसे में सड़कों पर गंदगी का अंबार लग जाता है। स्थानीय लोगों को ही घरों के सामने सड़कों को साफ करना पड़ता है। कचरा कालोनी के बाहर फेंकने जाना पड़ता है। कालोनी में पार्क के लिए जगह तो छोड़ी गई है, लेकिन नपा की उदासीनता के चलते पार्क भी दुर्दशा का शिकार हो रहा है, जबकि इन व्यवस्थाओं के लिए मंडल द्वारा नपा प्रशासन को 56 लाख रुपए भी जमा किए गए थे।
बाउंड्री नहीं बनने से परेशानी
^काॅलोनीमें पार्क के लिए जगह है लेकिन पार्क का सौंदर्यीकरण नहीं किया जा रहा है। वहीं कई दिनों तक गंदगी साफ करने कर्मचारी तक नहीं आते हैं। बाउंड्री नहीं बनने से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना