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कम दाम पर बिफरे किसान, हाईवे पर जाम

7 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता | रायसेन

कृषिउपज मंडी में धान के कम रेट पर िमलने पर किसान आक्रोशित हो गए और उन्होंने मंडी गेट के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम को समाप्त करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिससे किसानों को सड़क से हटना पड़ा। कुछ देर बाद पूर्व विधायक प्रभुराम चौधरी के वहां पर पहुंच जाने से किसान फिर से सड़क पर बैठ गए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर आक्रोशित किसानों को समझाने का प्रयास किया।

रायसेन की मंडी में धान बेचने के लिए विदिशा, गुना, अशोकनगर, बैरसिया, छतरपुर सहित अन्य जिलों से किसान रहे हैं। रोजाना मंडी में 8 से 10 हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। मंडी में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों को दशहरा मैदान में खड़ा करना पड़ा है। वहीं पर कंपनी से अधिकृत व्यापारियों द्वारा धान की खरीदी की जा रही है। गुरुवार को नीलामी के दौरान धान के 900 से 1200 रुपए प्रति क्विंटल के रेट लगाए गए। धान को कम दामों पर खरीदने से किसान आक्रोशित हो गए और वे समूह के रूप में एकत्रित होकर मंडी गेट के पास पहुंच गए। यहां पर उन्होंने मंडी के गेट पर ताला जड़ दिया और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।

दो दिन में नहीं बिका धान

^दो दिन पहले धान बेचने के लिए आए थे, लेकिन आज तक धान की नीलामी नहीं हो पाई है। दशहरा मैदान पर धान की ट्राली खड़ी हुई है, वहीं पर सर्दी के मौसम में रात गुजारना पड़ रही है। नरेंद्रसिंह लोधी, पठारी

टूटरहा किसानों का सब्र

^गिने-चुने व्यापारी हैं, जो मनमर्जी से धान की खरीदी कर रहे हैं। इस बार धान के रेट अच्छे नहीं मिलने से लागत भी नहीं निकल पाएगी। मोहरसिंह यादव, बेरखेड़ा

बनाई जा रही है ंव्यवस्थाएं

^मंडीमें धान की खरीदी कराने के लिए व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हंै। कम रेट और भुगतान नहीं होने से किसान नाराज हंै। इस समस्या को हल करने के लिए अन्य कंपनियों से बातचीत चल रही है ताकि उनके प्रतिनिधि मंडी में धान की खरीदी कर सकें। रियाजअहमद, मंडीसचिव रायसेन

अन्नदाता के साथ हो रहा है अन्याय

आक्रोशितकिसानों के बीच पहुंचे पूर्व विधायक प्रभुराम चौधरी का कहना था कि मंडी में आए किसानों को दो-तीन दिन तक धान बेचने के लिए रुकना पड़ रहा है। इसके बाद भी धान के अच्छे रेट किसानों को नहीं मिल रहे है। किसानों को उनकी उपज के अच्छे