- Hindi News
- भागवत मेंे मोर की वेशभूषा में नृत्य किया
भागवत मेंे मोर की वेशभूषा में नृत्य किया
नगरके वार्ड क्रमांक 13 स्थित अवंतिका कॉलोनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवंे दिन गुरुवार को भागवत कथा वाचक पं. दुर्गा प्रसाद शर्मा ने कथा सुनाते हुए कहा कि श्री राधा जी ने कहा, प्राण नाथ जहां वृन्दावन नहीं है जहां यमुना नदी नहीं, जहां पर गोवर्धन पर्वत नहीं है वह मेरे मन को सुख नहीं मिल सकता। श्री हरि ने अपने धाम से चौरासी कोस भूमि गोवर्धन पर्वत और यमुना नदी को भूतल पर भेजा। भारत वर्ष से पश्चिम दिशा में शाल्मली दीप के भीतर द्वौणाचल की प|ी के गर्भ से जन्म लिया। बीच-बीच में पं. दुर्गा प्रसाद शर्मा ने भगवान श्री कृष्ण और भगवान श्री राम के भजन सुनाए जिससे श्रोता आनंदित हो गए।
मोरके नृत्य से श्रद्धालु भाव विभोर हो गए
नगरके वार्ड क्रमांक 13 में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को सुनकर गोकुल में मोर नाच उठते हैं। इसी के चलते यहां विदिशा से आए कलाकार ने मोर की वेशभूषा बनाकार आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। जिसे देखकर श्रद्धालु आनंदित हो गए।
रुक्मणिविवाह आज होगा
नगरके वार्ड क्रमांक 13 में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन रुक्मणि विवाह की कथा पं शर्मा भक्तों को सुनाएंगे। इसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणि का विधिवत विवाह होगा। यहां प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।