२० माह में भी नहीं बन सका फ्लाईओवर
अक्टूबर २०१३ में होना था निर्माण
करीबडेढ़ साल पहले इस फ्लाई ओवर के भूमि पूजन के वक्त ठेकेदार ने करीब महीने में काम पूरा करने का दावा किया था। टाइम लिमिट गुजरे हुए कई महीने बीत गए लेकिन अब भी काम पूरा नहीं हुआ।
लगता है जाम
किलेअंदर के बाजार सहित शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए रायसेन गेट से गुजरते हैं। यहां से गुजरने में वाहन चालकों को जाम की वजह से आवाजाही में बेहद दिक्कत आती है। सबसे अधिक समस्या पेढ़ी चौराहा स्थित शिव मंदिर से लेकर बड़ा बाजार के बीच देखने को मिलती है। यहां फोर व्हील निकल जाए तो जाम लग जाता है। दिन भर में यहां पर कई बार जाम की स्थिति बनने की वजह से लोग परेशान होते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम सुबह १० से दोहपर दो तक और शाम 5 बजे से बजे तक तो यहां पर खासा जाम लगता है। नपा के जेई आजाद जैन का कहना है कि फ्लाईओवर का ८० फीसदी काम पूरा हो गया है। एक स्लैब बनना बाकी है। वहीं दूसरी तरफ एप्रोच रोड बनना है। रिटर्न वॉल और रैलिंग का काम बाकी है।
कार्यालय संवाददाता| वििदशा
शहर के पहले फ्लाई ओवर का निर्माण लेटलतीफी की भेंट चढ़ रहा है। पेढ़ी स्कूल खाई से लेकर पेढ़ी चौराहा तक बनाए जा रहे फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य बेहद सुस्त गति से चल रहा है। इस वजह से अव वहां के रहवासियों में बेहद निराशा है। आसपास के लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गति तेज होती तो अब तक शहर के लोगों को फ्लाई ओवर का लाभ मिलने लगता। रहवासियों का कहना है कि फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य पूरा शीघ्र कराया जाए ताकि आवाजाही में सुगमता हो। फ्लाई ओवर के निर्माण की समय सीमा गुजर चुकने से नपा के दावों की पोल खुल रही है।
शहर के पहले 70 मीटर लंबे इस फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य जनवरी 2013 में शुरू हुआ था। 14 जनवरी 2013 को तत्कालीन वित्तमंत्री राघवजी भाई और नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर ने इसकी आधार शिला रखी थी। 21 महीने से ज्यादा वक्त में फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य 80 फीसदी हो पाया है।
किलेअंदर सहित करीब 8 वार्डों के 30 हजार लोगों को सीधे तौर पर इस फ्लाई ओवर का लाभ मिलेगा। मगर इसका लाभ मिलने के लिए लोगों को अभी भी इंतजार करना पड़ सकताहै। फ्लाई ओवर के निर्माण में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत रही है। ठेकेदार को करीब 1 करोड़ रुपए भुगतान हो चुका है लेकिन फिर भी निर्माण कार्य की गति