किसानों ने किया चक्काजाम
^मंडीमें धान की नियमित रूप से खरीदी की जाएगी। कंपनियों से भुगतान नहीं होने के कारण व्यापारी धान खरीदीने में असमर्थता जता रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें धान खरीदने के लिए तैयार कर लिया गया है। शासन द्वारा धान की खरीदी पर लगने वाला टैक्स भी समाप्त कर दिया गया है। रियाजअहमद, मंडीसचिव रायसेन
धान पर मंडी शुल्क खत्म, व्यापारियों को राहत, दाम भी बढ़े
कृषिउपज मंडी में धान की रिकाॅर्ड आवक हो रही है। रायसेन में धान खरीदने वाले व्यापारियों का कंपनियों द्वारा भुगतान रोकने के बाद उन्होंने शनिवार से धान की खरीदी नहीं करने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में मंडी प्रबंधन और व्यापारियों के बीच चर्चा होने के बाद मामला सुलझ गया। शासन द्वारा बासमती चावल पर लगने वाले मंडी टैक्स को समाप्त कर देने से व्यापारियों को भी राहत मिल गई है। टैक्स समाप्त होने से किसानों को भी धान के अच्छे रेट मिलने लगे हैं। शुक्रवार को धान 1400 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी। कृषि उपज मंडी में रायसेन के अलावा विदिशा, बैरासिया, गुना, अशोकनगर, राहतगढ़ सहित अन्य स्थानों से किसान अपनी धान बेचने के लिए रहे हंै। धान की ज्यादा आवक होने से व्यापारियों द्वारा कंपनी से भुगतान के अभाव में उसे खरीदना मुश्किल हो रहा था। इस कारण व्यापारियों ने शनिवार से धान की खरीदी कुछ दिनों के लिए स्थगित करने का निर्णय कर लिया था। जब इसकी जानकारी मंडी प्रबंधन को लगी तो व्यापारियों को बुलाकर उनसे मंडी के अधिकारियों द्वारा चर्चा की गई। मंडी में व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए व्यापारियों को धान की खरीदी जारी रखने के लिए तैयार किया गया। मंडी प्रबंधन की पहल पर व्यापारियों ने नियमित रूप से धान खरीदने का निर्णय लिया।
गलत दबाव
^रायसेन-बरेलीमंडी में हड़ताल कारण अधिक आवक होने से यहां विवाद की स्थिति बन रही है। व्यापारी गलत तरीके से अनुज्ञा बनाने पर जोर डाल रहे हैं। एनकेमेश्राम, मंडीसचिव
रखाजाएगा ध्यान
^यहांकिसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कंपनी मालिकों से बात चल रही है। तुलाई सुचारु रूप से शुरू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। राजेशश्रीवास्तव, एसडीएम
कार्यालय संवाददाता | औबेदुल्लागंज/रायसेन
कृषि उपज मंडी औबेदुल्लागंज में शुक्रवार को व्यापारियों द्वारा धान की नीलामी रोके जाने पर एक बार फिर किसानों ने चक्काजाम कर दिया। यह