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कृष्ण-रूकमणि विवाह पर झूमे श्रद्धालु

7 वर्ष पहले
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रायसेन | अंवतिकाकालोनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठें दिन शुक्रवार को कथा वाचक पंडित दुर्गा प्रसाद शर्मा ने श्रीकृष्ण और गोपियों की रासलीला कंस नारद सवांद, कंस वध की विस्तार पूर्वक कथा भक्तों को सुनाई। उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण रासलीला में गोपियों के साथ में मग्न थे, तभी अचानक कामदेव वहां पहुंच जाते हंै लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उन्हें आगह कर देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला में भगवान शिव गोपी के वेश में पहुंचते हैं। वह भी रासलीला में मग्न हो जाते है। तभी से उनका नाम गोपेश्वर के रूप में विख्यात हुआ। पंडित शर्मा ने आगे की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पर अंहकारी, दुष्ट कंस मामा ने काफी प्रहार करवाए लेकिन उसके सारे प्रयास विफल कर कसं को परलोक पहुंचाते हैं। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कात्यायनी देवी के मंदिर से रुक्मणि का हरण कर विधिवत् विवाह रचाया। रुक्मणि ने एक ब्राह्मण के हाथों भगवान श्रीकृष्ण को संदेशा भेजा था।

रुक्मणि विवाह की रही धूम

नगरके वार्ड क्र 13 अंवतिका कालोनी में चल रही विशाल श्रीमद् भागवत कथा के छठें दिन श्री कृष्ण-रुक्मणि का विवाह संपन्न हुआ जिसमें माहिलाओं जमकर नृत्यकर श्री कृष्ण और रुक्मणि को शुभकामनाएं दी। यहां पं दुर्गाप्रसाद शर्मा, बृजभूषण रिछारिया, शत्रुधन सोनी, कमलेश पेमत, प्रहलाद भाई, राजा विश्वकर्मा, मानिष भाई, बब्लू विशाल, भाई, शि ाा राठौर, द्वारा विशेष योगदान कथा में दिया जा रहा है।

सुदामाकृष्ण मिलन आज

नगरके अंवतिका कालोनी में चल श्री मद्भागवत कथा के अंतिम दिन शनिवार 13 दिस बर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक भक्तों को भागवत कथा श्रवण कराई जाएगी। साथ ही यहां श्री कृष्ण और सुदामा मिलन की आकर्षक लीला दिखाई जाएगी। इसके बाद हवन, आरती और महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।