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अब बिना किसी सहारे खड़े हो सकेंगे नि:शक्त
जिलाअस्पताल में करेक्टिव सर्जरी के बाद नि:शक्तजनों और उनके परिजनों में आशा की किरण जगी है कि अब वे अपने पैरों पर बिना किसी सहारे के खड़े हो सकेंगे। इसके लिए स्पर्श अभियान के अंतर्गत जिला चिकित्सालय में अस्थि बाधित मरीजों के लिए शिविर लगाया गया था, जिनके सफल ऑपरेशन किए गए।
करेक्टिव सर्जरी शिविर में 94 नि:शक्तजन आए थे। इनमें से 26 नि:शक्तजनों का करेक्टिव सर्जरी के लिए चयन कर उनकी सर्जरी की गई। कलेक्टर जैके जैन ने नि:शक्तजनों के परिजनों से कहा कि हमारा यह प्रयास रहेगा कि नि:शक्तजनों को आत्मनिर्भर कर समाज की मुख्य धारा में शामिल किया जा सके। श्री जैन ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि होगी कि नि:शक्तजन अपने पैरों पर खड़े हो सकें और बिना किसी सहारे के चल सकें। श्री जैन ने जिले भर से आए सर्जरी करा चुके अंसार, अब्दुल समर, अरसान, पवन, फैजल, हरिकेश, तेजसिंह, जयकुमार सहित सभी भर्ती मरीजों से विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शशि ठाकुर, दिल्ली से आए डॉ. अरुण जैन, अखिल भारतीय विकलांग चेतना सोसायटी के डॉ सीताराम अग्रवाल तथा उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग प्रमिला वायकर भी उपस्थित थीं।
नि:शक्तजनों के पुनर्वास पर हुई चर्चा
रायसेन।जिलाचिकित्सालय में कलेक्टर श्री जैन ने संक्षिप्त बैठक आयोजित कर जिले के नि:शक्तजनों के पुनर्वास के लिए स्थापित किए जाने वाले पुनर्वास केंद्र के बारे में चर्चा की। उन्होंनें कहा कि शीघ्र पुनर्वास केंद्र में स्टॉफ की भर्ती कर केंद्र शुरू करने की कार्रवाई की जाए, ताकि जिले के नि:शक्तजन पुनर्वास केंद्र की सुविधाओं का लाभ उठा सकें। इसके अलावा नि:शक्तजनों की सर्जरी एवं पुनर्वास में समाज सेवियों एवं सक्षम व्यक्तियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनको जोड़ा जाए, ताकि इस सामाजिक मिशन को आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शशि ठाकुर, दिल्ली से आए डॉ. अरुण जैन, अखिल भारतीय विकलांग चेतना सोसायटी के डॉ. सीताराम अग्रवाल तथा उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग प्रमिला वायकर भी उपस्थित थीं।
रायसेन। जिलाचिकित्सालय में शिविर के बाद 26 निशक्तजनों के आपरेशन किए गए।