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- पानी से भरे जल पात्रों को लेकर 300 मीटर की चढ़ाई चढ़ने को मजबूर हो रही हैं महिलाएं
पानी से भरे जल पात्रों को लेकर 300 मीटर की चढ़ाई चढ़ने को मजबूर हो रही हैं महिलाएं
पठार पर रहने वाले लोग पानी नहीं मिलने से परेशान
जिलामुख्यालय पर ही वार्डवासियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए मशक्कत करना पड़ रही है। वार्ड 14 राहुल नगर पठार पर रहने वाले परिवारों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इन परिवारों को काफी दूर स्थित नल से पानी लाना पड़ रहा है। इसके बावजूद नगर पालिक प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
दिनोंदिन विकसित हो रहे परिवेश में पानी के लिए मशक्कत करना आश्चर्य की बात है। अगर गांवों में इस तरह के हालात दिखाई दें तो भी यह बात गले उतर जाए, लेकिन जब जिला मुख्यालय के ही ऐसे हालात नजर आएं तो चौकना लाजमी है। कुछ ऐसे ही हालात वार्ड 14 राहुल नगर पठार पर देखने को रोजाना मिलते हैं। नल आते ही दर्जनों परिवारों की महिलाएं पठार की तलहटी में बर्तन लेकर दौड़ने लगती हैं। चकल्लस के बीच पानी भरकर ऊंचाई पर स्थित पठार पर करीब 300 मीटर तक चढ़ाई करके पानी ढोया जाता है। पठार पर रहने वाले परिवारों के पुरुष दोपहर में मजदूरी करने जते हैं। ऐसे में नल आने की खबर मिलते ही महिलाओं को पानी भरने दौड़ना पड़ता है। कई महिलाएं बीमार और कई गर्भवती होने के बावजूद पानी ढोने को मजबूर हैं, लेकिन इस समस्या को समाप्त करने के लिए नगर पालिका प्रशासन कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।
^पानी के लिए हर कभी चकल्लस होती है। एक ही स्थान पर पानी भरने के लिए पूरे पठार के परिवारों काे आना पड़ता है। गर्भवती महिलाएं भी पानी ढोने को मजबूर हो रही हैं। नगर पालिका प्रशासन को पठार पर पानी की व्यवस्था करना चाहिए। गुलाबबाई, बंशकारवार्ड 14 पठार
व्यवस्थित कराए जाएंगे नल
^इससंबंध में जल सेक्शन के अधिकारी से बात की जाएगी। पठार पर रहने वाले नागरिकों की समस्या को दिखवाया जाएगा। अगर नल दूरी पर लगे हैं तो जल्द ही पठार पर घरों के सामने ही व्यवस्थित कराए जाएंगे। डीपीसक्सेना, आरआईनपा रायसेन
^पानी भरने के लिए महिलाओं को ही जाना पड़ता है। पठारी की तलहटी से पानी भरकर लाते हैं। बीमारी होने पर भी परेशान होना पड़ता है। समस्या बताने के बाद भी नगर पलिका प्रशासन इस समस्य की अनदेखी कर रहा है। खिरियाबाई,कुशवाहवार्ड 14 पठार
रायसेन। दूरसे पानी भरकर चढऩा पड़ता है पठार पर।
रायसेन। रायसेन.वार्ड १४ में पानी के लिए करना पड़ती है मशक्कत।