• Hindi News
  • National
  • जंगल में जाकर छात्रों ने देखे गिद्ध,नीलकंठ

जंगल में जाकर छात्रों ने देखे गिद्ध,नीलकंठ

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वन्य प्राणी सप्ताह के आखिरी दिन सामान्य वन मंडल ने स्कूली छात्र-छात्राओं को जंगल ले जाकर वहां पक्षी दिखाए और उनके बारे में छात्रों को जानकारी दी। पाटनदेव स्कूल के 27 छात्र-छात्राओं को अमरवाद के जंगलों में ले जाया गया। इस दौरान वन विभाग के एसडीओ अखिलेश अग्रवाल वहां मौजूद छात्रों को बताया कि पुराने समय में लोग पक्षियों की गतिविधियों को देखकर कई बातों का पूर्वानुमान लगा लिया करते थे। उन्होंने बताया कि यदि टिटहरी ऊंचे स्थान पर अंडे देती है तो पुराने लोग यह मानकर चलते हैं कि इस बार अधिक बारिश होगी। यदि निचले स्थान पर अंडे दिए तो माना जाता है कि कम बारिश होगी। इसी तरह किसानों का मानना है कि यदि ड्रेंगू पक्षी खेत में बार-बार दिखाई दे रहा है तो फसलों में कीड़े अधिक लगने की संभावना मानी जाती है। पंछी को देखकर छात्रों ने वन विभाग के अधिकारियों से तरह-तरह के सवाल किए। इस दौरान रेंजर नरेंद्र चौहान,वीरेंद्र सिंह और डिप्टी रेंजर प्रभात जाधव मौजूद थे।

जंगल में मिले ये पक्षी

वन विभाग के पंक्षी दर्शन कार्यक्रम में अमरवाद के जंगलों में पक्षियों को दिखाया गया। वन्यजीव,वन और पक्षियों से संबंधित जानकारों के साथ जंगल की यात्रा को लेकर छात्र-छात्राएं भी उत्साहित थे। सुबह के समय उन्हें गिद्ध, नीलकंठ, तोता, सतवहने, ड्रेंगू सहित कई पक्षी अमरवाद के जंगलों में छात्र-छात्राओं को देखने को मिले। इनको देखकर छात्रों ने कई सवाल भी पूछे।

कीटनाशक ने पहुंचाया नुकसान : पक्षियों की संख्या में कमी आने और वायो डायविर्सिटी को नुकसान पहुंचाने को लेकर बताया गया कि कीटनाशक दवाओं ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है। इससे पक्षियों की संख्या में तेजी से कमी आई है। कई पक्षी तो विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

चित्रकला, क्विज और साइकिल रैली
वन्य प्राणी सप्ताह के तहत वन विभाग ने कई प्रतियोगिताएं रखीं। इनमें सागर तिराहे से लेकर गोपालपुर स्थित बटर फ्लाई पार्क तक साइकल रैली, सागर तिराहा स्थित सामान्य वनमंडल परिसर के हाल में क्विज और चित्रकला प्रतियोगिता और आखिरी दिन शनिवार को पंक्षी दर्शन कार्यक्रम रखा गया।

पंक्षियों को दिखाने के बाद उनके बारे में जानकारी देते एसडीओ अखिलेश अग्रवाल।

वन्य प्राणी सप्ताह
खबरें और भी हैं...