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यह ट्रेन छह साल देरी से चल रही है, रायसेन पहुंचने की नहीं है संभावना

5 वर्ष पहले
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शहर में गुरुवार को पाटनदेव से शुरू होकर तहसील कार्यालय तक स्वराज एक्सप्रेस के नाम वाली एक ट्रेन चली। ट्रेन से एनाउंसमेंट किया जा रहा था कि यह ट्रेन छह साल की देरी से चली रही है। इसके रायसेन पहुंचने की कभी संभावना नहीं है। यह दृश्य था युवा कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही पदयात्रा का। दशकों से रेलवे लाइन का इंतजार कर रहे लोगों की आवाज को पदयात्रा के जरिए एक बार फिर युवा कांग्रेस ने उठाया। ट्रेन के रूप में पद यात्रा निकाल कर कांग्रेस ने क्षेत्री सांसद एवं विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के नाम तहसीलदार अभनीष मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। नए तरीके से निकाली गई रैली लोगों के बीच भी आकर्षण बनी रही। रैली को देखने के लिए जगह-जगह भीड़ लगती रही। कहीं-कहीं जाम के हालात भी बने। इसके साथ ही नेशनल हाइवे के चौड़ीकरण, शासकीय कन्या महाविद्यालय में बीएससी, एलएलबी और अन्य ब्रांच शुरु करने, उद्योग लगाने की मांग भी की गईं। मांगें पूरी न होने पर कांग्रेसियों ने भूख हड़ताल करने की चेतावानी भी दी है।

गुरुवार को युवा कांग्रेस की रैली को ट्रेन की शक्ल दी गईं थी। इसमें एक वाहन पर इंजन का बैनर लगाकर उसके पीछे लाइन से कांग्रेस सदस्य हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। इतना ही नहीं माइक से रेलवे प्लेट फार्म की तरह एनाउंसमेंट किया जा रहा था कि यह ट्रेन फलां-फलां स्टेशन से होकर आ रही हैं लेकिन रायसेन कभी नहीं पहुंचेगी। युवा कांग्रेस के विकास शर्मा और रूपेश तंतवार के नेतृत्व में निकाली गई रैली में बृजेश चतुर्वेदी, नारायण सिंह ठाकुर, हकीम उद्दीन मंसूरी, , मजहर कबीर, दौलत सेन, माखन मेघवंशी, मयंक पाटीदार, गुड्डा बघेल, रमाकांत मीणा, गोविंद वैष्णव, रमन मेहरा, छोटू राय, भुजेंद्रसिंह प्रभात चावला, अभिषेक समाधिया शामिल थे।

युवा कांग्रेस ने रैल मांगा को लेकर निकाली रैली। इसमें कार्यकर्ता नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे।

पहले भी होते रहे हैं रेल लाइन के लिए आंदोलन
चुनाव में बांटी गई थी सर्वे की कापियां
शहरवासियों के मुताबिक लोकसभा चुनाव के दौरान रेल लाइन के सर्वे की जानकारी वितरित की गई थी। इसमें स्टेशन से लेकर लाइन के बारे में बताया गया था। उस समय यह लगा था कि रेलवे लाइन शहर में अब तो आ ही जाएगी। चुनाव के बाद रेलवे लाइन का मुद्दा फिर गायब हो गया।

महामाया चाैक पर हुआ था नागरिक अभिनंदन
शहर विकास में पिछड़ा हुआ है इसको लेकर समय-समय पर आंदोलन भी हुए हैं। लोगों की मांग को देखते हुए सांसद श्रीमती स्वराज ने रेल लाइन के लिए सर्वे कराने का आश्वासन दिया था। इसको लेकर शहर के महामाया चौक पर उनका शहरवासियों ने नागरिक अभिनंदन भी किया था।

यह होती है परेशानी
रायसेन में रेलवे लाइन नहीं होने से ट्रेन की यात्रा करने के लिए लोगों को सांची, विदिशा और भोपाल जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ता है। शहरवासियों के मुताबिक यदि रायसेन रेलवे लाइन से जुड़ता है तो यहां के विकास की रफ्तार बढ़ जाएगी। उद्योग लगने की संभावना बढ़ जाएगी।

रेल के लिए पैदल चल चुके हैं 148 किमी
जानकारी के मुताबिक रेलवे लाइन की मांग को लेकर वर्ष 2013 में कांग्रेसियों द्वारा मड़िया नाका से लेकर राजभवन भोपाल तक 148 किमी की पदयात्रा की जा चुकी हैं। इसके अलावा समय-समय पर कई छोटे-बड़े आंदोलन हो चुके हैं। जिले में बडे़ नेताओं के प्रतिनिधित्व से लोगों को रेलवे लाइन मिलने की उम्मीद बंध गईं थी। अब जबकि रेल बजट आने वाला हैं इसको लेकर कांग्रेसियों ने एक बार फिर रेलवे लाइन के मुद् दे को उछाल दिया है।

सर्वे कराया गया है
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के भोपाल कार्यालय में मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में तीन रेलवे लाइनों का सर्वे कराया गया है । सर्वे स्वीकृत भी हो गए हैं। इनमें खजुराहो- रायसेन रेलवे लाइन भी शामिल है। अब देखना यह है कि किस लाइन के लिए बजट मिल पाता है । उस पर ही रेलवे लाइन निर्भर करेगी।

जिले भर में चलाएंगे आंदोलन
रेल लाइन की मांग को लेकर विदेश मंत्री को उनके द्वारा किया गया वादा याद दिलाने के लिए जिले शहर की तरह ही रैली जिले भर में निकाली जाएंगीं। यदि रेलवे लाइन मिलती हैं तो जिले का विकास हो सकेगा। नारायणसिंह ठाकुर, महामंत्री जिला कांग्रेस

वादे की याद दिलाई
शहर विकास की मुख्य धारा में नहीं आ पा रहा है । चुनाव के दौरान किए गए आश्वासन नेता भूल जाते हैं । इसलिए रेलवे लाइन का वादा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को याद दिलाने के लिए रेल के शक्ल में रैली निकालकर उनके नाम ज्ञापन दिया गया है। विकास शर्मा, रैली के आयोजक एवं युवा कांग्रेस नेता

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