पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • निशक्त ने तैयार की हाथ से कंट्रोल होने वाली कार

निशक्त ने तैयार की हाथ से कंट्रोल होने वाली कार

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दोनों पैरों से विकलांग नगर के एक युवक ने 15 दिनों में अपनी कार में हाथ से ब्रेक व क्लच दबाने का सिस्टम तैयार कर लिया। वह भी तब जबकि भोपाल के ऑटोमोबाइल मैकेनिक इस कार्य को असंभव बता रहे थे। विकलांग युवक ने सिर्फ तीन हजार रुपए के खर्च पर। बीसीए तक शिक्षित मुकेश पटेल दोनों पैरों से विकलांग होने के बावजूद इस कार से हजारों किमी का सफर तय कर चुके हैं।

श्यामनगर निवासी कुंदनसिंह कुशवाह के 33 वर्षीय बेटे मुकेश पटेल ने एक पुरानी कार खरीदी और उसे कंपनी के भोपाल स्थित शो रूम के मैकेनिकों के पास लेकर गए। मुकेश कार में नीचे लगे क्लच व ब्रेक को स्टेयरिंग के पास लगवाना चाहते थे क्योंकि वह दोनों पैर से विकलांग हैं।

जिससे वह स्वयं अपनी कार नहीं चला पाते थे। शोरूम में मैकेनिकों ने ऐसा करना असंभव बताया। तब मुकेश पटेल ने ठाना कि वह ऐसा करके रहेंगे। 15 दिन मेहनत और मात्र 3 हजार रुपए खर्च कर उन्होंने अपनी कार में स्टेयरिंग के पास ही क्लच और ब्रेक लगा लिए। इसके लिए उन्होंने सिर्फ बेल्डिंग कराई और हाथ से कंट्रोल करने वाली कार तैयार हो गई। मुकेश ने ड्राइवर से कार चलवाकर देखी। जिसमें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। उसके बाद मुकेश पटेल ने स्वयं कार चलाई और सागर भोपाल का सफर कर माडल ग्राउंड के प्रसिद्ध कार मैकेनिक को दिखाया कि मैंने असंभव को संभव कर दिखाया। यह देखकर सभी मैकेनिक भी हैरत में रह गए।

परिवहन विभाग के लिए चुनौती बने मुकेश
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए मुकेश ने परिवहन कार्यालय रायसेन में आवेदन किया। लेकिन दोनों पैरों से विकलांग होने के कारण विभाग लाइसेंस नहीं बना रहा। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए उन्हें भी नियम देखना पड़ेंगे। मुकेश का मामला अलग है। उसने जो सिस्टम तैयार किया है वह अन्य कारों से अलग है। इसलिए उसका आवेदन हर बार वापस कर दिया जाता है।

चलाई 5

हजार किमी

कार
दोनों पैरों से विकलांग मुकेश स्वयं के द्वारा तैयार किए गए सिस्टम से 5 हजार किमी का सफर हाथों से कंट्रोल करने वाली कार से तय कर चुके हैं। मुकेश पटेल ने बीसीए किया है।

खबरें और भी हैं...