पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पर्यटकों के लिए सांची का स्तूप परिसर बनेगा फ्री वाईफाई जोन

पर्यटकों के लिए सांची का स्तूप परिसर बनेगा फ्री वाईफाई जोन

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पर्यटकों स्तूप दर्शन के साथ इंटरनेट पर सर्फिंग भी कर सकेंगे
पूरी हो चुकी है तैयारी, इंटरनेट पर ज्यादा स्पीड व थ्रीजी की मिलेगी सेवा
सांची के स्तूप परिसर में वाईफाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यहां पर उपकरण लगाए जा रहे हैं। उनका ट्रायल भी चल रहा है। मार्च माह में यह सुविधा स्तूप परिसर में शुरू हो जाएगी। इस सुविधा को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने के लिए बीएसएनएल का सहयोग लिया जा रहा है। इस कंपनी द्वारा स्तूप परिसर में यह सुविधा लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी द्वारा यहां पर बेहतर नेटवर्क कायम रखने की दिशा में भी प्रारंभ कर दिए गए है।

स्तूप परिसर में लगातार किया जा रहा है सौंदर्यीकरण के लिए काम
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सांची के स्तूप परिसर का लगातार सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, वहीं यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए खरगोश और बतखों को एक बाड़े में रखा गया है। ताकि यहां पर आने वाले पर्यटक स्तूप देखने के बाद कुछ पल यहां पर आराम से बैठकर आनंद लें सकें।

1947 में भोपाल के नवाब द्वारा बौद्ध मंदिर के निर्माण के लिए जमीन दान मे दी गई है।

30 नवंबर 1952 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू लंदन से महात्मा बुद्ध के शिष्य सारिपुत्र और महामोदग्लायन की अस्थियों को सांची लेकर आए। उस दिन नवंबर माह का आखिर रविवार था उस दिन यहां पर मेला लगा था। तब से नवंबर माह के आखिरी रविवार को मेले का आयोजन किया जा रहा है।

सांची शहर का क्षेत्रफल करीब 8 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है

मुख्य स्तूप क्रमांक- 1 तीसरी शताब्दी का है, जिसका निर्माण सम्राट अशोक द्वारा किया गया है।

स्तूप क्रमांक- 2 दूसरी शताब्दी का बताया जाता है, जिसे शुंग शासकों द्वारा निर्मित कराया गया है।

स्तूप क्रमांक- 3 दूसरी शताब्दी का है, इसका निर्माण भी शुंग शासकों ने द्वारा किया गया है। इस स्तूप से स्टोन के दो बाक्स निकले थे, जिनमें अस्थियां रखी हुई थी। जो महात्मा बुद्ध के शिष्य सारिपुत्र और महामोदग्लायन थी।

ब्रिटिश अधिकारी जनरल टेलर इसे सन 1818 में अस्तित्व में लाए।

24 जनवरी 1989 को सांची के स्तूपों को विश्व धरोहर के रूप में शामिल किया गया।

जानिए : ऐसी है स्तूप की विरासत
भास्कर संवाददाता| रायसेन

सांची के विश्व प्रसिद्ध स्तूप देखने के लिए आने वाले देसी, विदेशी पर्यटकों के लिए स्तूप परिसर में फ्री वाईफाई सुविधा भी मिल सकेगी। यह सुविधा मार्च माह में यहां पर प्रारंभ हाेने जा रही है। पर्यटकों को यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।

सांची के स्तूप देखने के लिए हर साल करीब दो लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। इन पर्यटकों के लिए यहां बढ़ाई जा रही सुविधाओं के कारण पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। इसी बात को ध्यान में रखकर पुरातत्व विभाग अब यहां पर वाईफाई की सुविधा प्रारंभ कर रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि सांची के स्तूप देखने के लिए आने वाले देशी व विदेशी पर्यटक वाईफाई सेवा का लाभ लेकर काफी देर तक यहां पर रुक सकें।

अगले में माह शुरू हो जाएगी सुविधा
सांची स्तूप परिसर में मार्च माह में बाईफाई की सुविधा प्रारंभ हो जाएगी। यह सुविधा पर्यटकों को उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा प्रयास किए जा रहे है। एसके वर्मा, स्तूप प्रभारी सांची

सांची। विश्व विरासत में शामिल सांची का स्तूप क्रामंक एक। स्तूप वाली पूरी पहाड़ को वाईफाई किए जाने से पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।

खबरें और भी हैं...