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भारी मन से विदा हुए गुरु भक्त

7 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता| नरसिंहगढ़

सातदिनों से श्री सद्गुरू आश्रम में चल रहे सद्गुरू निर्वाण महोत्सव में देश के अलग-अलग हिस्सों से शामिल होने आए गुरु भक्तों ने शनिवार को भावुक माहौल में विदाई ली। सभी गुरु भक्तों को आश्रम संचालक बलभीम राव तोवर, प्रफुल्ल तोवर, विपुल तोवर आदि ने अभिनंदन कर विदा किया। आयोजन का समापन शुक्रवार शाम इंदिरा एकादशी के मौके पर किया गया था। इसके बाद महाप्रसाद वितरण शुरू किया गया जो शनिवार शाम तक चलता रहा। अंतिम दिन के सायंकालीन सत्र में इंदौर के गुरु भक्तों के कीर्तन हुए। इनमें गुप्ता नंदन स्वामी के मूलपद जब गुरु मिले ब्रह्मज्ञानी, तब बोले अमृतवाणी पर गुरु भक्तों ने कीर्तन किए। इनमें इंदौर के बलभीम भवन के अनुयायी सुमन ताई राव, नीता बक्षी, सैरंध्री कोटस्थाने, सुधाकर सिन्नरकर, कुंदा ताई विंचुरकर, रविंद्र बक्षी, शोभा ताई काशिकर आदि प्रमुख थे। रात्रि सत्र में बलभीम तोवर, कृष्ण गोपाल दीक्षित, पचोर के पंडित गोकुल प्रसाद, भंडावद के देवकीनंदन नागर, शुजालपुर की सुमति ताई मेंडके, यवतमाल के सुमन नाथ महाराज, देवगांव के स्वामी हंसानंद और उनकी शिष्या मां आनंद मई भारती के प्रवचन हुए। उत्सव में यवतमाल से विजय बांकापुरे के नेतृत्व में आए दल के अलावा नासिक, पुणे, मुंबई, हैदराबाद, देवगांव, पुलगांव, जलगांव, इंदौर, शुजालपुर, सारंगपुर, राजगढ़ आदि जगहों से करीब 400 गुरु भक्त शामिल हुए। आयोजन में पंडित अमृतलाल शास्त्री, जगदीश शास्त्री, दामोदर उदावत सहित सद्गुरू आश्रम सेवा समिति के सभी सदस्यों और श्रद्धालुओं का योगदान रहा।