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सत्र खत्म होने की ओर, विद्यार्थियों को नहीं मिली ड्रेस साइकिल
सरकारस्कूली बच्चों निशुल्क साइकिल और गणवेश देने का दावा कर रही है किंतु यह दावा राजगढ़ जिले में खोखला साबित हो रहा है। शिक्षण सत्र समाप्त होने को है मगर अब तक 30 से 40 प्रतिशत स्कूली बच्चों तक ड्रेस की राशि नहीं पहुंच पाई है। इसके लिए स्कूल प्रभारियों ने दबाव बनाकर पालकों से बैंकों में खाते खुलवा लिए हैं मगर राशि का अब तक कोई अता-पता नहीं है। यदि सरकारी आंकड़ों की मानें तो जिले में 19 हजार 190 बच्चों तक गणवेश की राशि नहीं पहुंची है।
राज्य शासन द्वारा राज्य शिक्षा केंद्र के माध्यम से 1914 प्राइमरी और 747 मिडिल स्कूल के एक लाख 89 हजार बच्चों को गणवेश और साइकिल की राशि जून-जुलाई माह में दी जाना थी। मगर जिला परियाेजना कार्यालय की लापरवाही और लेटलतीफी के कारण सरकारी स्कूलों के 40 फीसदी बच्चों का पूरा शिक्षण सत्र ड्रेस और साइकिल के इंतजार में बीत गया। अब भी कोई गारंटी नहीं है कि बाकी बचे एक माह में बच्चों को शासन की इन योजनाओं का लाभ मिल जाए।
पिछलेसाल भी नहीं मिली ड्रेस की राशि
स्कूलशिक्षा विभाग शासन की योजनाओं को मूर्तरूप देने के प्रति कितना सतर्क है, इसका उदाहरण स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों में देखने को मिलता है। हालत यह है कि जिले के हथाईखेड़ा, कांगनीपुरा, गुराड़खेड़ा, छायन प्राइमरी मिडिल सहित सैकड़ों स्कूलों के हजारों बच्चों को पिछले साल भी ड्रेस साइकिल की राशि नहीं दी गई है। स्कूल प्रभारी भी अपने आप काे अक्षम बताकर दो-टूक जवाब दे रहे हैं कि हमने बच्चों की जानकारी पोर्टल पर भेज दी है। राशि क्यों नहीं रही, हम कुछ नहीं कह सकते।
राशिवितरण पर एक नजर
जिलेमें प्राइमरी स्कूल और मिडिल स्कूलों के 1 लाख 89 हजार बच्चों को 7 करोड़ 56 लाख रुपए गणेश की राशि दी गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इनमें से बाकी बचे 19 हजार 190 बच्चे को 78 लाख रुपए की राशि अब तक नहीं पहुंची है। वहीं 8 हजार बच्चों को करीब एक करोड़ 84 लाख रुपए साइकिल खरीदने बच्चों के खातों में जमा कराई जाना थी। इसमें से 1253 बच्चों को साइकिल वितरण की 28 लाख 81 हजार 900 रुपए की बच्चों के खाते में अब तक नहीं डाली जा सकी है।
पैदलस्कूल पहुंचते हैं विद्यार्थी
डीपीसीबीएस राठाैर के अनुसार जिले में 8 हजार छात्र-छात्राओं को साइकिल की राशि दी जाना थी। इनमें से 1253 ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जिन्हें अब तक राशि नहीं मिली है। इस कारण यह बच्चे दो से पांच किमी दूर से पैदल चलकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। राशि वितरण के हाल यह हैं कि राजगढ़ ब्लॉक में ही 700 बच्चे साइकिल से वंचित हैं।
15 अगस्त तक बनना थी ड्रेस
शासनकी मंशा सभी स्कूली बच्चों को 15 अगस्त तक गणवेश युक्त करने की थी। मगर विभागीय अधिकारियों स्कूल प्रभारियों द्वारा बच्चों की पूरी जानकारी एज्युकेशन पोर्टल पर नहीं डाली गई। इसका खामियाजा बच्चों को योजनाओं के लाभ से वंचित रहकर चुकाना पड़ रहा है। मार्च माह में बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इसके बाद अवकश घोषित होने के साथ सत्र भी समाप्त हो जाएगा।
जिले के स्कूलों में बच्चों को ड्रेस और साइकिल की राशि नहीं मिलने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इसकी वास्तविक स्थिति जानने भास्कर टीम दर्जनभर स्कूलों में पहुंची। यहां 40 फीसदी बच्चों को राशि नहीं मिली। मिडिल स्कूल महाबल में 143 बच्चों में 42 बच्चे ड्रेस करीब 8 बच्चे साइकिल से वंचित मिले। देखली के पीएस में बच्चों को राशि तो दी गई है, मगर एक भी बालक ड्रेस में नहीं मिला। लसूड़ली में भी यही हालत मिले। मिडिल स्कूल हिरणखेड़ी में करीब 40 फीसदी बच्चों को यह राशि नहीं मिली है। यहां 29 में से 12 बच्चों को साइकिल की राशि नहीं पहुंची है। इसी प्रकार कलीखेड़ा पीएस में 20 प्रतिशत पीएस में 30 प्रतिशत बच्चे योजनाओं का लाभ लेने से वंचित पाए गए। वहीं हथाईखेड़ा, कांगनीपुरा, गुराड़खेड़ा, छायन, फतेहपुरा सहित सैकड़ों स्कूलों के बच्चे पालक खाते खुलवाने के बाद एक साल से राशि आने का इंतजार कर रहे हैं।
राशि मांगी है
^जिलेमें एक लाख 89 हजार बच्चों से 19 हजार 190 बच्चे गणेश और 8 हजार में से 1253 बच्चे साइकिल की राशि मिलने से वंचित हैं। इन बच्चों के लिए 78 लाख गणवेश और करीब 29 लाख साइकिल की राशि राज्य शिक्षा केंद्र से मांगी गई है। राशि आने पर बच्चों के खातों में डलवा दी जाएगी। बीएसराठौर, डीपीसी राजगढ़
खास-खास
1914जिले में प्राइमरी स्कूल
747 जिले में मिडिल स्कूल
19190 बच्चों को नहीं मिली साइकिल की राशि
1253 बच्चे साइकिल की राशि से वंचित
िबना ड्रेस के स्कूल पहुंच रहे बच्चे।