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हजारों लोग रोजाना करते हैं यात्रा, फिर भी नहीं बनाया प्रतीक्षालय

6 वर्ष पहले
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आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर बसे 45 हजार की आबादी के नगर में प्रमुख बस स्टापों पर यात्री प्रतीक्षालय के अभाव में परेशानी उठाना पड़ती है। जबकि यहां से सैकड़ों वाहनों का आवागमन होता है।

नगर में बस स्टैंड के अलावा कालीसिंध नाका तथा अकोदिया नाका बस स्टाप पर यात्रियों की सुविधा को अनदेखा किया जा रहा है। दोनों स्थानों पर यात्रियों के लिए बसों का इंतजार करने प्रतीक्षालय की आवश्यकता है। यह मांग लंबे समय से की जा रही है। यहां प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते यात्री प्रतीक्षालय नहीं बन सका है। इस कारण यात्रियों को खुले मैदान में तेज धूप और बारिश में भीगते हुए बसों का इंतजार करते हैं।

^आगामी परिषद की बैठक में दोनों स्थानों पर प्रतीक्षालय निर्माण और पानी की सुविधा उपलब्ध कराने प्रस्ताव पारित किया जाएगा। गुरुदत्तशर्मा, सीएमओ नपा सारंगपुर

अकोदिया नाका तथा इंदौर नाका स्टैंड से प्रतिदिन 200 से 250 वाहनों का आवागमन होता है। इंदौर नाके से शाजापुर, इंदौर, उज्जैन, आगर की ओर यात्रा करते हैं। वहीं अकोदिया नाके से पचोर, ब्यावरा, राजगढ़, भोपाल तथा शुजालपुर सहित विभिन्न कस्बों के लिए यात्री सफर करते हैं। इन बस स्टाप से रोजाना दो हजार से अधिक यात्री अपने गंतव्य के लिए बसों का इंतजार करते हैं।

कालीसिंध बस स्टाप पर बसों का इंतजार करते यात्री।

उपलब्ध करवाई जाएं सुविधाएं

^यात्रियोंकी सुविधा के लिए कालीसिंध नाका तथा अकोदिया नाके पर यात्रियों को प्रतीक्षालय पानी सुविधा के अभाव में परेशानी होती है। यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जाना चाहिए। शुभमशर्मा, नागरिक सारंगपुर

नहीं है कोई व्यवस्था

विकासहोने के बाद जहां पूर्वी क्षेत्र कालोनियों के लोग ज्यादातर अकोदिया नाके से अपनी यात्रा शुरू करते हैं। इसी प्रकार पश्चिमी क्षेत्र के लोग कालीसिंध नाके से आवागमन करते हैं। दोनों स्थानों पर छांव तथा बैठने के लिए तो कोई्र पेड़ों की छाया है और ही प्रतीक्षालय। इस कारण यात्रियों को बसों का इंतजार करने में बेहद परेशानी उठाना पड़ती है। इस दौरान आसपास होटलों की शरण लेना पड़ती है।