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प्रोटोकाॅल टूटने से नाराज हुईं जिपं अध्यक्ष ने हाथ जोड़कर छोड़ा मंच

5 वर्ष पहले
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यह होना चाहिए

प्रोटोकॉल
शहर के स्टेडियम परिसर में बुधवार को खंड स्तरीय अंत्योदय मेले का आयोजन किया गया। इसमें अव्यवस्था और प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने से नाराज जिपं अध्यक्ष बीच कार्यक्रम में मंच छोड़कर चली गईं। वहीं जिन हितग्राहियों को छह से आठ माह पहले योजनाओं को लाभ मिल गया था, उनकी भीड़ दिखाने के लिए मेले में प्रमाण-पत्र बांटे, जबकि कई जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का इंतजार करते रहे।

ब्लॉक स्तरीय अंत्योदय मेले का आयोजन सुबह 11 बजे से किया जाना था, लेकिन मेले में झूठ बोलकर बुलाई गई भीड़ समय से नहीं पहुंची। मेले की शुरुआत दोपहर एक बजे से की। इस दौरान अतिथि बनकर आए जनप्रतिनिधि मेले की शुरुआत के लिए इंतजार करते रहे। मंच पर प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं किया गया। इससे नाराज जिपं अध्यक्ष गायत्री बाई जसवंत गुर्जर मंच से उठकर चली गई। इसके साथ ही संबोधन में भी सरकारी योजनाओं की जानकारी देने की बजाय भाजपा नेताओं ने पार्टी व नेताओं के गुणगान गाए। इस मौके पर विधायक अमरसिंह यादव, मंगला शैलेष गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष बद्रीलाल यादव, कलेक्टर तरुण पिथौड़े, एसपी रामाश्रय चोबे, एसडीएम कमलेश भार्गव के साथ ही कई सट्टा, जुआ सहित अन्य अपराधों में लिफ्ट आरोपी भी मंच पर बैठे दिखाई दिए।

सम्मान को ठेस पहुंची तो उठकर चली आई
नाराज होकर मंच छोड़ते हुए अध्यक्ष ने लगाए मनमानी के आरोप
मेले की शुरुआत सरस्वती वंदना और मध्य प्रदेश गान के साथ की गई। अतिथियों का स्वागत किया गया। मंच पर आयोजकों ने चुने गए जन प्रतिनिधियों को महत्व देने के बजाए मनोनीत सदस्यों और नेजाओं को प्राथमिकता दी। प्रोटोकाल का पालन नहीं किया। इससे नाराज जिपं अध्यक्ष गायत्री बाई कार्यक्रम को छोड़कर चली गई। इस दौरान श्रीमती गुर्जर ने आयोजकों पर मनमानी करने का आरोप भी लगाया।

मंच से किया पार्टी व नेताओं का प्रचार
दीनदयाल उपाध्याय के सपने का साकार करने प्रदेश सरकार ने अंतिम व्यक्ति को सरकारी योजना का लाभ देने के लिए अंत्योदय मेले की शुरुआत की थी। ताकि मेले में आने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा सके, लेकिन इस मेले में उपस्थित लोगों को भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष और विधायक ने सरकारी योजनाओं की जानकारी देने की बजाय भाजपा और पार्टी नेताओं के गुणगान किए। इन नेताओं ने कई बार ऐसे शब्दों का प्रयोग भी किया जो अशोभनीय थे।

अब दिखावे के लिए चैक तरह बांटे प्रमाण पत्र
अंत्योदय मेले में जपं, नपा, उद्योग विभाग, पशुपालन, कृषि, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों से सात हजार 942 हितग्राहियों को 26 करोड़ तीस लाख 78 हजार 168 रुपए का लाभ देना बताया गया। इसमें स्वरोजगार के 92 श्रम कल्याण के 626, पेंशन व परिवार सहायता के तीन हजार 778, साइकिल वितरण के एक हजार 260, मजदूर सहायता के 360, स्वरोजगार के 14, लाड़ली लक्ष्मी के 890 प्रकरण सहित अन्य हितग्राहियों को मेले में लाभ देना बताया गया। जबकि इन हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत चार से दस माह पहले ही लाभ मिल गया था, लेकिन भीड़ एकत्रित कर लोगों को गुमराह करने के लिए दस माह बाद इन्हें मंच पर बंद लिफाफा में चैक की जगह प्रमाण-पत्र दिए गए।

प्रोटोकॉल में सीएम के बाद केबिनेट मंत्री फिर राज्यमंत्री इसके बाद स्थानीय चुने हुए विधायक व स्थानीय जनप्रतिनिधि आते हैं, मेले में जिपं अध्यश के प्रोटोकाल का ध्यान नहीं दिया गया। जबकि जिपं अध्यक्ष को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है।

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अंत्योदय मेले में महिलाओं की भीड़ दिखाने के लिए आशा कार्यकर्ता, स्वसहायता समूह व डीपीआईपी समूह की महिलाओं के साथ ही अन्य महिलाओं को बुलाया गया, ताकि मंच से अतिथियों को ज्यादा भीड़ दिखाई दे सके। इस समय फसल कटाई का सीजन शुरू हो गया है। इसके बाद भी ग्रामीण महिलाओं को झूठी जानकारी देकर कार्यक्रम में बुलाया गया।

समूह की मीटिंग बोलकर बुलाई महिलाओं की भीड़
प्रशासन ने मेले में प्रोटोकाल का ध्यान नहीं दिया, चुने हुए जनप्रतिनिधियों की जगह मनोनीत को तव्वजो दी है। इससे मेरे सम्मान को ठेस पहुंची है। मेले को दो घंटे देरी से शुरू किया, जबकि मेरी दिन चर्चा पहले से निर्धारित समय के अनुसार तय थी। इसी वजह से मैं कार्यक्रम छोड़कर आई हूं।-गायत्रीबाई जसवंत गुर्जर, अध्यक्ष जिपं राजगढ़

मंच से हाथ जोड़कर जाते हुए नाराज जिपं अध्यक्ष। फोटो भास्कर

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