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भाजपा का अल्टीमेटम, शिवसेना ने कहा- नहीं मानेंगे

7 वर्ष पहले
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भाजपा-शिवसेनाका 25 साल पुराना गठबंधन नाजुक दौर में है। विवाद सीट बंटवारे का है। दोनों दल अपने-अपने फॉर्मूले पर अड़े हैं। इससे खफा भाजपा ने गुरुवार को शिव सेना को 12 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया। शिवसेना ने शाम तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया।

भाजपा की ओर से कहा गया कि या तो शिवसेना उसके फॉर्मूले पर सहमति दे या गठबंधन टूटने के लिए तैयार रहे। शिवसेना ने आनन-फानन में बैठक बुलाई, पर नतीजा नहीं निकला। पार्टी नेताओं ने अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दे दिया। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, ‘हम सम्मान से समझौता नहीं करते। शिवसेना किसी का अल्टीमेटम नहीं मानती।’

महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 27 सितंबर है। लेकिन भाजपा-शिवसेना सीट बंटवारे पर गतिरोध खत्म नहीं कर पा रही हैं। गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बयान के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। शाह ने सुबह कोल्हापुर में कहा, ‘कोई भी गठबंधन आत्मसम्मान की कीमत पर नहीं हो सकता। दोनों दलों को एकदूसरे का सम्मान करना होगा। दो कदम हम बढ़ें-दो कदम तुम बढ़ो ।’ भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा, ‘हमारे नेता सहमति बनाने के लिए शिवसेना से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिल रहा है।’

कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन भी मुश्किल में

नईदिल्ली | विधानसभाचुनाव से पहले महाराष्ट्र में एनसीपी-कांग्रेस का गठबंधन मुश्किल में है। कांग्रेस 158-160 सीटों पर खुद चुनाव लड़ना चाहती है। सहयोगी एनसीपी को 128 सीटें देने के मूड में है। एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 144 से कम सीटें लेने से मना कर दिया है। पृथ्वीराज चह्वाण ने सभी विकल्प खुले होने की बात कही है। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण और पार्टी प्रचार अभियान के प्रमुख नारायण राणे गठबंधन जरूरी बता रहे हैं। गठबंधन को लेकर एनसीपी में भी मतभेद हैं। शरद पवार ने कहा, ‘अलग-अलग चुनाव लड़ना कांग्रेस-एनसीपी के हित में नहीं होगा।’ लेकिन पवार के भतीजे अजित पवार ने कहा, ‘कांग्रेस-एनसीपी को अलग-अलग चुनाव लड़ना चाहिए।’

2009 में यह था फॉर्मूला : {169पर शिवसेना {119 पर भाजपा

भाजपा का फॉर्मूला

{135पर वह लड़े {135 पर शिवसेना लड़े {18 सीटें गठबंधन के बाकी चार दलों के लिए।

शिवसेना का फॉर्मूला (288सीटें कुल)

{151 पर शिव