बाढ़ के बाद अब भूकंप का खतरा
सचिवालय में कामकाज शुरू, कल से पुरानी इमारत में काम होगा
जम्मू-कश्मीरसचिवालय 11 दिनों बाद श्रीनगर में खुला। लेकिन कर्मचारियों की मौजूदगी कम थी। लगभग 10 फीसदी कर्मचारी ही उपस्थित हुए। सरकार ने कर्मचारियों को फौरन अपनी ड्यूटी पर लौटने के आदेश दिए थे। सचिवालय के ग्राउंड फ्लोर में भी अभी पानी जमा है। सरकार ने एक बैठक में फैसला किया कि शुक्रवार से सचिवालय पुरानी इमारत में चलेगा।
10वीं,12वींबोर्ड की परीक्षाएं स्थगित
जम्मूएंड कश्मीर बोर्ड आॅफ स्कूल एजुकेशन ने अगले महीने होने वाली 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार इनमें प्रैक्टिकल परीक्षाओं को भी शामिल किया गया है।
भास्कर न्यूज नेटवर्क | श्रीनगर/ नई दिल्ली. कश्मीरमें आई भीषण बाढ़ के बाद अब राज्य के कई इलाकों में भूकंप का खतरा बढ़ गया है। बुधवार रात से लेकर गुरुवार शाम तक यहां भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। बुधवार रात डोडा तथा भद्रवाह इलाके में भूकंप के तीन हल्के झटके महसूस किए गए। रात 10:33 बजे पहला झटका, 10:40 पर दूसरा तथा तीसरा झटका गुरुवार शाम 5:48 बजे महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 और 3.7 मापी गई। झटकों से घबराए लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने रात बाहर ही गुजारी। उधर, श्रीनगर में हाईवे के शुरू होने से रोजाना सैकड़ों ट्रक श्रीनगर पहुंच रहे हैं। ट्रकों के जरिए राशन तथा तेल की सप्लाई की जा रही है।
बाढ़प्रभावित इलाकों की स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता : सुप्रीमकोर्ट ने जम्मू कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरी सामान और सेवाओं की कमी को लेकर चिंता जाहिर की। चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुवार को इस मसले पर सुनवाई की।
कहा कि इससे लोगों के मानवाधिकारों और मौलिक अधिकारों में रुकावट रही है। बेंच ने महामारी रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा। अगली पेशी 24 सितंबर को तय की गई है। राज्य सरकार से 23 सितंबर तक बाढ़ प्रभावितों के लिए उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।