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इंतजार कीजिए मोदीनोमिक्स दुनिया का मंत्र होगा

7 वर्ष पहले
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अमेरिका में भारतीय समुदाय ने कहा-

अचिंत शर्मा | न्यूयॉर्क सिटी

न्यूयार्कसिटीमें मेडिसन स्क्वेयर गार्डन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुप्रतीक्षित सभा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इंडियन अमेरिकन कम्युनिटी फाउंडेशन (आईसीएएफ) यह आयोजन कर रहा है। यह अभी तक पूरे अमेरिका में विभिन्न सामुदायिक संगठनों को 18,000 के करीब फ्री टिकट बांट चुका है। दानदाताओं और आमंत्रितों के लिए दो हजार सीटें खाली रखी गई हैं। दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर इस महाआयोजन से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों से बातचीत की।

एवीजी के सीईओ संस्थापक शलभ कुमार भारतवंशी अमेरिकी बिजनेसमैन हैं। उनके जिम्मे अमेरिका के संसदीय प्रतिनिधियों को इस सभा में लाने और प्रधानमंत्री मोदी से नए आव्रजन बिल पर बातचीत करवाने का जिम्मा है। कुमार ने कहा, यह ऐसा समय है जब अमेरिका को नरेंद्र मोदी का विश्व के बड़े नेता, एक स्टेट्समैन और भारत के रोनाल्ड रेगन की तरह खुल कर स्वागत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में मजबूत और बड़े नेताओं का शून्य है और प्रधानमंत्री मोदी उसे भरने के लिए हैं। पीएम अब भारत में निवेश पर फोकस कर रहे हैं और वह अमेरिकी उद्योगपतियों से मिलेगा, राष्ट्रपति ओबामा से नहीं। ओबामा से उनकी मुलाकात महज औपचारिकता ही रहेगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या मोदी के अब तक के काम से आप संतुष्ट हैं, कुमार ने कहा. ‘मुझे लगता है कि उन्होंने अच्छा काम किया है, लेकिन थोड़ी तेजी लानी चाहिए। बजट ठीक था लेकिन क्रांतिकारी नहीं था। दिल्ली के मामलों पर उनकी मजबूत पकड़ तक इंतजार कीजिए फिर मोदीनोमिक्स दुनिया का मंत्र होगा।

कुमार ने कहा, ‘जहां तक कार्यक्रम का सवाल है शुरुआती अड़चनों के बाद आयोजकों ने फंड जमा करने में अच्छा काम किया। यह थोड़ा और बड़ा आयोजन होना चाहिए था।’ उन्होंने बताया, ‘पहले यह गुजराती फंक्शन था। अभी भी ज्यादातर गुजराती ही हंै। लेकिन कार्यक्रम का पारदर्शी होना जरूरी था। अंत में इस कार्यक्रम को लेकर विवाद भी हो सकता है।’ उन्होंने कहा, अमेरिकी फंक्शन और भारतीय अमेरिकी फंक्शन में रात-दिन का अंतर है। टिकट फ्री हैं या बेचे जा रहे हैं, किसी को पक्का पता नहीं। यह व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए थी।

यह पूछे जाने पर कि आप ओबामा से बातचीत के लिए मोदी को कोई एक सुझाव देते तो वो क्या होता। कुमार ने कहा, मेरे विचार से मो