कलम है इनका हथियार
44 साल कीअमेरिकी राइटर नाओमी क्लेन की दो किताबें धमाल मचा चुकी हैं। ग्राउंड लेवल रिपोर्ट और इकोनॉमिक एनालिसिस उनकी लेखनी की विशेषता है। अपनी किताब के जरिए ये लोगों का ध्यान उन बातों पर लाती हैं, जिन्हें हम अकसर आम बातें समझकर छोड़ देते हैं। इनकी पहली किताब \\\"नो लोगो...\\\' एशिया के उन मजदूरों पर थी, जो ब्रांडेड प्रोडक्ट तैयार करते हैं। सात साल बाद इन्होंने दूसरी किताब लिखी जो \\\"शॉक डॉक्ट्रिन\\\', जो युद्ध, प्राकृतिक आपदा जैसे वक्त में फ्री मार्केट लगाने वाले टॉपिक्स पर थी। अब वह कैपिटलिज़्म के बारे में लिख रही हैं।
किताब का नाम है \\\"दिस चेंजेज़ एवरथिंग- कैपिटलिज़्म वर्सेस क्लाइमेट\\\'। इसमें क्लेन बताना चाहती हैं कि क्लाइमेट क्राइसिस के बारे में हम लोग किसी दूसरे नजरिए से भी सोच सकते हैं। जैसे क्लाइमेट क्राइसिस का असर कैपिटलिज़्म पर पड़ सकता है। प्रकृति के बारे में क्लेन की इतनी गहरी सोच लोगों को अचंभित कर देती है। हालांकि कई लोग इस बात को मानने से इनकार करते हैं कि क्लेन एक एन्वायरमेंटलिस्ट है, क्योंकि वह हायब्रिड कार ड्राइव करती हैं, अपने काम की वजह से अकसर फ्लाइट में ट्रैवल करती हैं और उनके घर के गार्डन में एक प्लास्टिक से बना प्लेहाउस भी है। इन सभी चीजों को देखकर लोगों का विश्वास क्लेन के ऊपर ज्यादा नहीं होता। क्लेन कहती हैं उन्होंने यह किताब एन्वायरमेंटल मूवमेंट चलाने के लिए नहीं लिखी है। वह जानती हैं कि बहुत से लोग क्लाइमेट चेंज पर किताब नहीं पढ़ना चाहेंगे, इसलिए इन्होंने अपनी किताब में क्लाइमेट चेंज को इकोनॉमिक जस्टिस के साथ जोड़ा है। तीन साल लगे हैं क्लेन को इस किताब में तथ्यों को जोड़नेे में। वह कहती हैं कि उन्होंने सबसे ज्यादा पैसा रिसर्च पर ही लगाया है। इसके लिए उन्होंने ऐसे सच और राज ढंूढे हैं, जिनमें बहुत कुछ नया है।