33 बरस के हुए युवराज
नई दिल्ली | भारतके ट्वंटी 20 विश्वकप 2007 और फिर 2011 वनडे विश्वकप में जीत के सूत्रधार रहे आलराउंडर युवराज सिंह शुकवार को 33 बरस के हो गए। भारतीय क्रि केट टीम के लिए एक बार फिर से विश्वकप टीम में शमिल होने का सपना देखने वाले युवराज को संभावितों में तो जगह नहीं मिली लेकिन युवी ने क्रिकेट के लिए अपने जुनून को अभी भी फीका नहीं पड़ने दिया है और वह घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से अब भी सुर्खियां बटोर रहे हैं। रणजी ट्राफी मुकाबले में पंजाब के लिये 160 गेंदों में 130 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेलकर भारतीय आलराउंडर ने चयनकर्ताओं को अपनी अहमियत जरूर बता दी है।
युवी के अलावा विश्वकप 2011 के अहम चेहरे रहे वीरेंद्र सहवाग,जहीर खान, गौतम गंभीर और हरभजन सिंह को भी विश्वकप संभावितों से बाहर रखा गया है। विश्वकप 2015 के लिये टीम चयन से पहले राष्ट्रीय टीम की ओर से
आईसीसी टूर्नामेंट में एक बार फिर खेलने की इच्छा जता चुके युवराज ने 2011 में घरेलू जमीन पर भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी और नौ मैचों में 362 रन और 15 विकेट निकाले जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शमिल थे। लेकिन विश्वकप में मैन आफ टूर्नामेंट रहे युवी को इसके बाद कई दिक्कतों का सामना करना पडा़ और टूर्नामेंट के ठीक बाद उन्हें
कैंसर की पुष्टि हुई जिससे उबरने और मैदान पर वापसी करने में उन्हें लंबा समय लग गया और 2012 में आखिरकार उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्वंटी 20 से वापसी की। हालांकि वह इस लय को आगे कायम रखने में नाकाम रहे।
युवी ने वर्ष 2000 में वनडे में केन्या के खिलाफ और टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ष 2003 में पदार्पण किया था। उन्होंने अपने
करियर में 40 टेस्टों में 1900 जबकि 293 वनडे में 8329 रन बनाए हैं।