वर्ल्ड कप टूरिस्ट उम्मीद से आधे
धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया | मुंबई
बांद्रा में रहने वाले कारोबारी 48 वर्षीय विकास मदनानी क्रिकेट के दीवाने हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड जाकर वर्ल्ड कप के मैच देखने का पूरा मन बनाया था, लेकिन बच्चों के एग्ज़ाम होने के कारण अब वे घर में ही मैच देखेंगे। मदनानी अकेले नहीं हैं जो 11वें वर्ल्ड कप का लुत्फ स्टेडियम में बैठकर नहीं लेंगे। देशभर के टूरिस्ट ऑपरेटर्स से भास्कर की बातचीत में यह तथ्य सामने आया है कि भारतीय टीम का हालिया निराशाजनक प्रदर्शन और फरवरी-मार्च में छात्रों के एग्ज़ाम के कारण वर्ल्ड कप देखने का क्रेज सीमित हो गया है। वर्तमान में पिछले वर्ष की फरवरी-मार्च माह की तुलना में 50 फीसदी तक अधिक बुकिंग हो रही हैं। जो उम्मीद से महज आधी ही है। पहले दौर में टीम इंडिया के बेहतर प्रदर्शन के बाद टूरिस्ट की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। ऑपरेटर्स की सारी उम्मीदें अब इसी पर टिकी हैं। अभी भारत-पाकिस्तान और भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच के टिकट सर्वाधिक डिमांड में हैं।
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2015 के अधिकृत ट्रेवल एजेंट कटिंग एज इवेंट्स के प्रेसीडेंट मयंक खांडवाला ने बताया कि हमें रोज 100 तक इंक्वायरी आती हैं, जबकि प्रतिदिन चार से पांच टिकट बुक किए जा रहे हैं। इनमें से 10 से 12 इंक्वायरी न्यूजीलैंड के लिए होती हैं, शेष ऑस्ट्रेलिया के लिए। हम मैच विशेष के चार से पांच दिन पहले तक भी बुकिंग करेंगे। मयंक कहते हैं कि अगर पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती दो मैच टीम इंडिया जीतती है तो टूरिस्ट ट्रैफिक के दो से तीन गुना बढ़ने की उम्मीद रहेगी। अभी बुकिंग उम्मीद से कम रही है। मयंक कहते हैं कि वर्ल्ड कप टूर के लिए एक साल पहले ही तैयारी करनी होती है। हम एडवांस में मैचों के टिकट खरीदते हैं बिकने पर घाटा उठाना पड़ता है।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ट्रेवल और टूर ऑपरेटर कंपनियां पैकेज के जरिए लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं। ज्यादा डिमांड उन पैकेजों की है जहां मैच के टिकट पैकेज का हिस्सा है।
ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टाई) के सेक्रेटरी जनरल हरमनदीप सिंह आनंद के मुताबिक मेट्रो में तो थोड़ा क्रेज है, लेकिन छोटे शहरों में यह मांग कम है। मेरे शहर नागपुर में अभी मांग आनी शुरू हुई है। हरमनदीप के अनुसार वर्तमान में पिछले वर्ष के मुकाबले फरवरी-मार्च के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में 50 फीसदी तक तेजी है, लेकिन यह हमारी उम्मीद से आधा ही है। पहले राउंड के मैचों के बाद डिमांड और बढ़ने की उम्मीद है। वर्ष 2007 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के पहले दौर से आगे बढ़ पाने के कारण ट्रेवलर्स को काफी घाटा हुआ था।
टाई से देशभर की 2200 से अधिक टूर-ट्रेवल एजेंट्स कंपनियां जुड़ी हैं। वहीं आईसीसी के एक और अधिकृत ट्रेवल एजेंट स्पोर्ट्सकनेक्ट के फाउंडर और सीईओ शशांक शेखर मिश्रा ने कहा कि भारत-पाकिस्तान और भारत-दक्षिण अफ्रीका मैचों की हमारी बुकिंग पूरी हो गई है। दोनों को मिलाकर करीब 1800 टूरिस्ट बुकिंग हुई है। जैसे-जैसे टीम जीतेगी मांग मंे गुणात्मक वृद्धि होगी।
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मेकमायट्रिपके हाॅलिडे हेड रंजीत ओक के मुताबिक वर्ल्ड कप मैच ऐसी जगहों पर हैं, जहां से टूरिस्ट स्पॉट पास में ही हैं। अभी तक फरवरी-मार्च के लिए पिछले वर्ष की तुलना में करीब 50 फीसदी ग्रोथ ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के लिए दर्ज की जा रही है। कॉक्स एंड किंग्स के हेड रिलेशनशिप करन आनंद के मुताबिक सर्वाधिक पूछताछ 25 से 45 आयु वर्ग की है। हम 15 दिन और 14 रात का पैकेज 2.20 लाख में दे रहे हैं। दिल्ली में धनपती ट्रेवल्स के प्रमुख और टाई के नार्थ इंडिया रीजन के ऑनरेरी सेक्रेटरी नीरज मल्होत्रा ने कहा कि वर्ल्ड कप को लेकर हमारी काफी उम्मीदें थीं। हमें तीन गुना तक अधिक कारोबार की उम्मीद थी लेकिन ट्रेवलर्स की ग्रोथ बमुश्किल 10 से 50 फीसदी ही पा रही है। बच्चों के एग्ज़ाम और टीम इंडिया के हालिया नीरस प्रदर्शन के कारण भी उत्साह कम है। वैसे सामान्य तौर पर अप्रैल से जून के बीच ज्यादातर लोग ऑस्ट्रेलिया जाते हैं।
ट्रिप फैक्टरी बेंगलुरू के सीओओ अमित अग्रवाल के मुताबिक सर्वाधिक मांग नौ से 11 दिन-रात और तीन या इससे अधिक शहरों के पैकेज की है। नॉर्मल पैकेज की मांग की तुलना में लोग वर्ल्ड कप टिकट के साथ मिलने वाले पैकेज को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ टाई के प्रमुख हरीश वाधवानी ने कहा कि दोनों राज्यों में अभी तक वर्ल्डकप के दौरान ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड जाने वालों की मांग में ग्रोथ ना के बराबर है। थॉमस कुक इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जतिन्दर पॉल सिंह ने कहा, ‘मुंबई और दिल्ली की हमारी सेल्स टीम से मिली जानकारी के अनुसार क्रिकेट वर्ल्ड कप के कारण ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड जाने वाले क्रिकेट प्रेमियों की बुकिंग में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।’ जहां तक मैच देखने जाने वालों की संख्या की बात है तो वे मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, चंडीगढ़ जैसे शहरों से जा रहे हैं। टियर टू शहरों से भी ट्रैफिक रहा है। इंडिया-पाकिस्तान मैच की सभी टिकटें बिक चुकी हैं। वर्ल्ड कप मैच देखने के दीवाने क्रिकेट प्रेमियों की बुकिंग से आस-पास की सभी होटल बुक हो गईं हैं। जिसकी वजह से अब जाने वालों को 4 घंटे का सफर करके मैच देखने आना पड़ेगा। -इनपुट- विनोदयादव