शॉपिंग सेंटर में 150 कामगार ने की सफाई
शहरमें डेंगू का डर खत्म करने के लिए नगर पालिका युद्ध स्तर पर जुट गई है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बाद भी नगर पालिका के सेनेटरी विभाग के 150 श्रमिकों ने एक साथ शॉपिंग सेंटर की सफाई का काम किया। पांच घंटे में श्रमिकों ने सफाई कर मच्छररोधी दवा का छिड़काव भी कर दिया। नगर पालिका ने तीनों सेक्टर के सफाई कामगारों को एक साथ काम कराया।
शहर के कई क्षेत्रों में डेंगू के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद नगर पालिका का अमला हरकत में आया है। विभाग ने सफाई अभियान को तेज कर दिया है। नगर पालिका के अमले ने शहर को तीन सेक्टरों में बांटकर सफाई का काम शुरू किया। सेनेटरी इंस्पेक्टर केके भावसार ने बताया कि शोभापुर, पाथाखेड़ा और सारनी सेक्टरों में अलग-अलग सफाई का काम किया जा रहा है।
नगर पालिका ने शॉपिंग सेंटर में तीनों क्षेत्रों के 6 सुपरवाइजरों और 150 श्रमिकों से एक साथ काम कराया। इससे पांच घंटे में ही वार्ड 12 का बड़ा क्षेत्र साफ हो गया। पिछले दिनों नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी मोहबे ने इसे लेकर विशेष दिशा निर्देश दिए थे। मच्छररोधी दवा का छिड़काव भी किया गया। इस बीच नपा ने मुनादी कर भी लोगों को डेंगू से बचने की सलाह दी है।
काम आया फार्मूला
मच्छररोधीअभियान के बीच जब दवाएं असर नहीं कर रही थीं तो सीएमओ का फार्मूला काम आया। मैन्युअली तरीके से तैयार पाउडर ने मच्छरों पर खासा असर किया है। सीएमओ अशोक शुक्ला ने सेनेटरी विभाग को छह बोरी चूने में एक बोरी ब्लिचिंग पाउडर मिलाकर नालियों में डालने के निर्देश दिए। एक सप्ताह में इसके पॉजीटिव रिजल्ट मिले हैं।
सारनी के शॉपिंग सेंटर में नगर पालिका ने वृहद स्तर पर सफाई अभियान चलाया।
आवारा मिले मवेशी तो होंगे जब्त
चौक-चौराहोंपर मवेशी बैठे रहने के कारण ट्रैफिक प्रभावित होता है। इसे देखते हुए नगर पालिका ने सख्त रवैया अपनाया है। आवारा मवेशियों को जब्त कर इन्हें कांजी हाउस भेजा जाएगा। पुलिस ने भी आवारा मवेशियों के खिलाफ अभियान चलाने आग्रह किया था। मवेशी जब्त होने के बाद जुर्माने का प्रावधान भी है।