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पाथाखेड़ा में मिले डेंगू के पांच मरीज

7 वर्ष पहले
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शहरके पाथाखेड़ा क्षेत्र में डेंगू बीमारी के पांच मरीज मिले हैं। इनमें से ज्यादातर का इलाज नागपुर के अस्पताल में हो रहा है। स्थानीय स्तर पर मलेरिया विभाग ने यहां कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। कहीं भी मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव नहीं हो रहा है।

पाथाखेड़ा के वार्ड 21 में डेंगू के दो मरीज मिले हैं। यहां के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष महेंद्र भारती ने बताया कि रंभा प|ी राजेश और कुश्मीरा प|ी सुखनंदन में डेंगू के लक्षण मिले हैं। इनकी प्लेटलेट्स कम होने के कारण इन्हें नागपुर के निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। यहां इलाज जारी है। इधर पार्षद मो. ताहिर अंसारी ने बताया कि इजहार के पुत्र और रामा के पुत्र के अलावा अन्य में डेंगू के लक्षण मिले हैं। इधर सारनी के पाटाखेड़ा में भी दो बच्चों में डेंगू के लक्षण मिले थे। नागपुर में इनकी स्थिति खतरे के बाहर बताई जा रही है। नगर पालिका ने सफाई अभियान जरूर शुरू किया है, लेकिन लार्वा नष्ट करने के लिए उचित दवाएं नहीं होने के कारण स्थिति सुधर नहीं पा रही है। ग्रामीण अंचलों में भी हालत खराब है।

चोपनढाना गांव की एक बालिका की खांसी से पीड़ित है। खांसी से उसकी स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि वह रात को ठीक से सो भी नहीं पा रही। हालत यह है कि पिछले 8 महीने से वह महज खांसी होने के कारण स्कूल भी नहीं जा पाई। गांव के पास डेयरी आमढाना में सरकारी अस्पताल भी है, लेकिन ग्रामीणों को इससे उपचार नहीं मिल पा रहा। ग्राम चोपनढाना निवासी मोमबत्ती पिता हरिलाल (10) पिछले करीब नौ महीने से खांसी की बीमारी से पीड़ित है। छात्रा का परिवार उसके उपचार की ओर ध्यान नहीं दे पा रहा है। उसकी दादी भर उपचार करवा रही है। सामाजिक संस्था न्यू चेतना वेलफेयर सोसाइटी के सचिव कलीराम पाटिल ने बताया कि गांव में अस्पताल तो है, लेकिन यहां डॉक्टर नहीं है।

... और इधर बच्चों को हुई खांसी