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‘लापरवाही से खदानों में होती है दुर्घटना’

7 वर्ष पहले
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वेस्टर्नकोल फील्ड पाथाखेड़ा की खदानों में वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह चल रहा है। इसके तहत मंगलवार को सुरक्षा दल ने सारनी माइंस का निरीक्षण किया। कार्यक्रम की शुरुआत सुरक्षा मशाल प्रज्जवलित एवं ध्वजारोहण से किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में नागपुर के डीडीएमएस एस. चक्रवर्ती, कन्वेयर केपी दान, सुरक्षा अधिकारी एसके श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। खदान के कर्मचारियों ने सुरक्षा पर नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से कर्मचारियों को नशा नहीं करने और काम में लापरवाही बरतने की हिदायत दी। उसके बाद भूमिगत खदानों में रक्षा के उपयोग में आने वाले सामग्रियों का प्रदर्शन भी किया गया।खान सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खान अधीक्षक डीसी गुप्ता ने कहा कि इस तीनों पाली में 1000 से 1200 टन कोयला उत्पादन हुआ करता था। यह अब बढ़कर 1500 टन से ज्यादा हो गया है। खदान रक्षा दल राजू झाड़े ने कहा कि सारनी माइंस में एक वर्ष में कोई भी गंभीर दुर्घटना नहीं हुई। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में टीएसई सदस्य प्रकाश राव, मैनेजर पीजेड दोबले, सुरक्षा अधिकारी राजू झाड़े, सब एरिया इंजीनियर एसएन सिंह, कॉलरी इंजीनियर विनोद पोकले, सर्वे अधिकारी जीएन पजारे, डब्ल्यूआई डीपी सिंह, प्रशांत कोकरे, संजय शर्मा उपस्थित थे। खदान सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का मंच संचालन आरके मारकंडे ने किया। इस मौके अधिकारी, कर्मचारी और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद थे।