इलाज में भी नियमों का उल्लंघन
{नर्सिंग होम की जांच के दौरान पता चला कि वहां नियमों की हो रही अवहेलना
{बंगाली डॉक्टर की दुकान पर जब छापा मारा तो वह ताला डालकर भाग गया
कार्यालयसंवाददाता | सीहोर
जबमरीजों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ हो तो फिर इससे बड़ी लापरवाही और क्या हो सकती है। नर्सिंग होम पर मरीजों से इलाज का मनमाना पैसा तो लिया जाता है लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी उपलब्ध नहीं कराया जाता है। यही कारण है कि शुक्रवार को जब अमला जांच करने पहुंचा तो देखा कि वहां पर नियमों की अनदेखी की जा रही है। मरीजों को भर्ती तो कर लिया जाता है लेकिन इलाज के लिए मौके पर डॉक्टर ही नहीं रहते हैं। यही नहीं होम्योपैथिक क्लीनिक पर एलोपैथिक दवाएं रखी हुई थीं।
शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य विभाग का अमला सबसे पहले पचामा गांव पहुंचा। यहां पर दो स्थानों पर क्लीनिक चल रहे थे। इनकी जांच करने के लिए अमला जब पहुंचा तो एक बिना डिग्रीधारी डॉक्टर तो क्लीनिक बंद कर भाग गया वहीं दूसरे क्लीनिक पर जब जांच की तो यहां पर अमले को एलोपैथिक दवाएं मिलीं। होम्योपैथी इलाज करने वाले डॉक्टर के पास एलाेपैथी दवाओं के बारे में पूछा तो उसने बताया कि एक एमआर दे गया है। कई दवाएं ऐसी थीं जो काफी महंगी थीं। इस क्लीनिक को सील किया।
कारणबताओ नोटिस जारी
सीएमएचओडॉ. आरके गुप्ता ने संबंधित डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनसे सात दिन में जबाव देने को कहा गया है। जबाव संतोषजनक नहीं मिलने पर इस अस्पताल को सील किया जा सकता है।
सीहोर. अव्यवस्थाओं और नियमों की अनदेखी पर जताई नाराजगी।
अस्पताल की ओटी में अव्यवस्था
यहांकी ओटी का जब निरीक्षण किया गया तो उसकी हालत देखते ही बन रही थी। नियमों की अनदेखी कर ओटी चलाई जा रही है। यहां पर कई तरह की खामियां मिलीं। नर्सिंग होम में लिफ्ट तो लगी है लेकिन यह बंद थी। यहां पर बैट्री और लोहे के एंगल रखे हुए थे। इस पर भी अमले ने सख्त नाराजगी जताई।
दोपहर तक भी नहीं लिया था राउंड
अमलेने जब मरीजों और उनके परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि दोपहर डेढ़ बजे तक यहां पर सुबह से किसी भी डॉक्टर ने राउंड नहीं लिया है। यहां पर एक भी डॉक्टर नहीं था जो इन मरीजों को देखता हो। पता करने पर बताया गया कि एक ही महिला डॉक्टर हैं जो भोपाल से आती हैं। इस पर सीएमओ डॉ. आरके गुप्ता ने उक्त महिला डॉक्टर से मोबाइल पर बात