उत्पीड़न निवारण पर कार्यशाला
उत्पीड़न निवारण पर कार्यशाला
सीहोर | सोमवारको कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कार्य स्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिंग उत्पीड़न निवारण अधिनियम को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें बताया गया कि इस मामले में आरोपी पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
कार्यशाला में कलेक्टर डॉ. सुदाम खाडे ने बताया कि ऐसा कोई भी विभाग, संगठन उपक्रम, उद्यम, संस्था, कार्यालय, शाखा या यूनिट, गैर सरकारी संगठन, कोई प्राइवेट सेक्टर, सोसाइटी, न्यास, अस्पताल, प्रशिक्षण, कोई खेलकूद संस्थान, कोई भी निवास गृह जहां कर्मचारियों की संख्या 10 से कम हो। यदि कोई प्रकरण महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन अधिनियम पाया जाएगा तो उस व्यक्ति के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी बताया गया कि नियोजकों का प्रथम कर्तव्य है कि कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य का वातावरण उपलब्ध कराएं। नियोजक लैंगिक उत्पीड़न को सेवा नियमों के अधीन कदाचार मानें और कार्रवाई सुनिश्चित करें। कार्यशाला में जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी रंजीता भामरे ने भी संबोधित किया।