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चालीसवें पर निकले नगर में ताजिए

7 वर्ष पहले
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शहादत के अखाड़ों के साथ निकाला गया जुलूस

कार्यालय संवाददाता | सीहोर, आष्टा

करबला में शहीद हजरत इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनके चालीसवें के रूप में शनिवार को नगर के प्रमुख मार्गों से ताजिए, बुर्राक, दुलदुल के साथ अखाड़े निकाले गए। नगर में प्रमुख मार्गों से चालीसवां का जुलूस निकाला गया है।

मोहर्रम की चांद की 10 तारीख के 40 दिन बाद हजरत इमाम हुसैन की शहादत होने पर उनका चालीसवां चांद की 18 तारिख को होता है। नगर में हर साल चालीसवें पर किला मोहल्ला स्थित गाड़ी दरवाजा के इमाम बाड़े पर ताजिए का निर्माण किया जाता है। इस बार भी चालीसवें की तिथि के एक दो दिन पूर्व से ही धार्मिक कव्वालियों का सिलसिला चल रहा था। इस वर्ष मोहर्रम के चालीस दिन बाद किला इमाम बाड़े पर आकर्षक ताजिए का निर्माण किया गया था। शनिवार को काजीपुरा किला मोहर्रम कमेटी की सदारत में जुलूस सिकंदर बाजार से शुरू हुआ। चालीसवें के जुलूस में इस वर्ष दुलदुल, बुर्राक के अलावा किला, जुम्मापुरा, काजीपुरा, कसाईपुरा के अखाड़े भी शामिल किए गए थे। चालीसवां का जुलूस सिकंदर बाजार से शुरू होकर गंज, गल चौराहा, बुधवारा, परदेशीपुरा, अस्पताल चौराहा, पुराना बस स्टैंड से होता हुआ पार्वती नदी के शंकर मंदिर घाट पर पहुंचा। जुलूस में अखाड़ों में उस्तादों ने आकर्षक करतब भी दिखाएं। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। देर शाम को ताजिए को पार्वती नदी में विसर्जित किया गया।

जुलूससे लगा रहा जाम : नगरके प्रमुख मार्गों से होकर जब जुलूस पुराने हाईवे पर पहुंचा तो वहां पर जाम की स्थिति बन गई। यहां पर सड़क निर्माण कार्य के कारण यह स्थिति बनी रही। व्यवस्था में लगी पुलिस ने भारी वाहनों को खड़ा करा दिया था। इस कारण दूसरे वाहन भी नहीं निकल पा रहे थे। बस स्टैंड पर जुलूस के पहुंचने के बाद यातायात को दूसरी तरफ से चालू कराया गया।

आष्टा. इस तरह नगर के प्रमुख मार्गों से जुलूस निकाला गया।