शिकायत: कुछ तोड़े पर बाकी क्यों छोड़े
गंजक्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंचे अमले ने कुछ पर तो कार्रवाई की लेकिन शेष को अनदेखा कर छोड़ दिया। इससे गुस्साए लोग तहसील कार्यालय पहुंचे और उन्होंने इसकी शिकायत एसडीएम से भी की। लोगों का कहना था कि यदि अतिक्रमण हटाना है तो एक सिरे से हटाया जाए। इससे किसी तरह का भेदभाव भी नहीं दिखाई देता है लेकिन जब कुछ लोगों पर ही कार्रवाई हो तो इसमें संदेह होने लगता है।
15 दिन पहले प्रशासन का अमला गंज क्षेत्र में पहुंचा था। यहां पर कई लोगों ने शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण करने के बाद यहां पर मकानों का निर्माण कर लिया था। इस अतिक्रमण को हटाने के लिए सोमवार को अमला फिर से पहुंचा। बताया जाता है कि पूर्व में जब अमला यहां आया थो तो उसने यहां पर निशान लगाकर अतिक्रमण को चिन्हित कर दिया था। इसके बाद लोगों से कहा था कि वह खुद ही अपना अतिक्रमण हटा लें।
नहींमानी लोगों ने बात : प्रशासनसभी घरों के आगे जो अतिक्रमण में निर्माण रहे थे, उस पर निशान लगा दिए थे। इसके बाद इन्हें तोड़ने के लिए कहा था लेकिन लोगों ने इसे अनेदखा कर दिया। जब किसी ने भी अतिक्रमण को तोड़ने की पहल नहीं की तो प्रशासन और नपा का अमला मौके पर सोमवार को पहुंचा और अतिक्रमण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। मौके पर नपा और प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।
पक्षपातका लगाया आरोप
प्रशासनने अतिक्रमण तो हटाया लेकिन कुछ के मकान तो तोड़ दिए लेकिन बाकी सब छोड़ दिए। इसे लेकर लोगों का गुस्सा देखते ही बन रहा था। उनका कहना था कि यदि मुहिम चलाई जाए तो सब के लिए बराबर चले अन्यथा किसी के मकान नहीं तोड़ जाएं। यहां पर जेसीबी से अतिक्रमण हटाया गया।
एसडीएमसे लगाई गुहार
पक्षपातपूर्ण की गई कार्रवाई से नाराज लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। उनका कहना था कि अमले ने पक्षपात पूर्ण अतिक्रमण हटाया है जो गलत है। जहां से अतिक्रमण हटाया जाना था, वहां पर अमला पहुंचा ही नहीं है। एसडीएम रवि कुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि तहसीलदार को मौके पर भेजा जाएगा।
गंज क्षेत्र में मुहिम के दौरान नपा कर्मचारी अितक्रमण तोड़ते हुए।