बदबू से परेशान, फूटा आक्रोश
सालोंसे लोग हड्डी मिल को हटाने के लिए जिला प्रशासन और जनप्रतिधियों से मांग कर रहे हैं लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं है। इस मिल के अलावा यहां पर स्लाटर हाउस और चमड़ा गोदाम भी है। रहवासी क्षेत्र होने के बाद बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर आज तक सख्ती नहीं की जा सकी। अब जब लोग यहां से आने वाली बदबू से परेशान हो गए तो आखिरकार उनका गुस्सा फूट पड़ा और रविवार को उन्होंने सांकेतिक धरना आंदोलन शुरु किया।
कस्बा क्षेत्र में एक साथ रहवासी क्षेत्र से लगे हुए हड्डी मिल सहित यहां का स्लाटर हाउस और चमड़ा गोदाम परेशानी का कारण बना हुआ है। इनसे इस कदर बदबू आती है कि लोग तो ठीक ढंग से घरों के अंदर बैठ पाते हैं और ही इस क्षेत्र में अपना काम धंधा सही ढंग से संचालित कर पाते हैं।
उल्लेखनीय है कि यह समस्या सालों से इसी तरह चली रही है लेकिन जिम्मेदार भी हर बार सिवाए अश्वासनों के कुछ नहीं देते हैं। यही कारण रहा कि अब लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है और वह अब आंदोलन करने की ठान चुके हैं। इन लोगों का कहना था कि अब हड्डी मिल, स्लाटर हाउस और चमड़ा गोदाम को हटाकर ही यहां से दम लेंगे।
डीओसी से भी होती है परेशान
इसीतरह शुजालपुर के रेलवे स्टेशन पर डीओसी की रेक लगने से यहां के लोगों को परेशानी होती है। डीओसी की बदबू से लोग परेशान होते हैं। यहां जीना भी दूभर हो रहा है। इसके बाद भी इस समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसी तरह पूर्व में सीहोर में भी यह समस्या रहती थी जब यहां पर डीओसी की रेक लगती थी। उल्लेखनीय है कि शुजालपुर में भी इस तरह दुर्गंध को लेकर कईयों बार लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन उनकी भी सुनवाई हीं हो सकी है। इसी तरह पूर्व में सीहोर में भी यह समस्या थी जब तेल के प्लांट चालू हालत में थे। इसी तरह सीहोर से इछावर जाते समय सड़क किनारे मृत मवेशियों को फेंकने से भी परेशानी होती है। इस समस्या को भी कईयों बार उठाया गया लेकिन आज तक इनका समाधान नहीं हुआ।
नियमों की अनदेखी
जिलामुख्यालय पर प्रदूषण बोर्ड के नियमों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है लेकिन कोई देखने वाला नहीं। नियमानुसार आबादी क्षेत्र से दूर इस तरह की मिल गोदाम होना चाहिए। इस नियम का खुलेआम उल्लंघन किया जाता है। यहां तो रहवासी क्षेत्र में ही इन्हें संचालित किया जा रहा है।
यहभी सबसे बड़ी परेशानी
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