दौलपुर-आर्या में नहीं प्रतीक्षालय जमीन पर बैठकर बस का इंतजार
यात्रियों की सुविधा के लिए अधिकांश ग्राम पंचायतों में यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण किया गया है, लेकिन दौलतपुर और आर्या गांवों में पंचायत ने प्रतीक्षालय नहीं बनवाए हैं। इससे यहां पर यात्रियों को बसों के इंतजार के लिए या तो गुमठियों का सहारा लेना पड़ता है या फिर खुले आसमान के नीचे खड़े रहना पड़ता है। इसके चलते उन्हें कई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए गांवों में स्थित बस स्टैंड पर जन भागीदारी से यात्री प्रतीक्षालय निर्माण के सख्त आदेश पंचायतों को दिए हैं। इस पर क्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायतों ने प्रतीक्षालय का निर्माण कर लिया है। जबकि दौलतपुर और आर्या गांव में यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। इसके चलते यहां बसों के इंतजार करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसमें खासकर महिलाओं और बच्चों को ज्यादा परेशानी होती है। स्थिति यह है कि गर्मी के मौसम में चिलचिलाती धूप और बारिश में पानी से बचने के लिए यात्रियों को गुमठिया का सहारा लेना पड़ता है। घंटों खुले आसमान के नीचे की खड़ा रहने को मजबूर होना पड़ता है।
बड़ी संख्या में रहते हैं यात्री : आर्या और दौलतपुर बस स्टैंड पर स्थानीय यात्री सहित आसपास दर्जनों गांवों के ग्रामीण इछावर, सीहोर, आष्टा, भोपाल आदि शहरों में आवागमन के लिए यहीं से बस पकड़ते हैं। इसके चलते प्रतिदिन यहां यात्रियों का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन यात्री प्रतीक्षालय के अभाव में यात्रियों को परेशानी होती है।
यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने से लोगों को गुमठियों का सहारा लेना पड़ता है।
हटाएं अतिक्रमण
बस स्टैंड अतिक्रमण की चपेट में होने के कारण यहां यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण के लिए भूमि ही नहीं है। अतिक्रमण हटवाने के लिए कई बार तहसील कार्यालय में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक अतिक्रमण नहीं हटा है। -सुमनबाई, सरपंच ग्राम पंचायत आर्या
नहीं हुई जनभागीदारी
गांव में स्थित बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय निर्माण की स्वीकृति 50 प्रतिशत जनभागीदारी में हुई थी, लेकिन इतनी जनभागीदारी नहीं होने के कारण प्रतीक्षालय का निर्माण नहीं हो पाया है। -सौरम बाई महेश्वरी, सरपंच ग्राम पंचायत दौलतपुर
अतिक्रमण की चपेट में बस स्टैंड
दोनों ही बस स्टैंड ग्राम पंचायत और प्रशासन की उदासीनता के कारण अतिक्रमण की चपेट में हैं। कुछ लोगों ने अस्थाई निर्माण कर स्टैंड की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। अतिक्रमण से वाहनों की क्रासिंग में भी चालकों को परेशानी होती है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका खामियाजा ग्रामीणों और यात्रियों को उठाना पड़ता है।