बच सकेगी प्रसूताओं की जान
बच सकेगी प्रसूताओं की जान
गर्भवतीमहिला के डिलेवरी होने पर सीजर की आवश्यकता पड़ने पर उसे सीहोर जिला चिकित्सालय रेफर करना पड़ता था। इस कारण कई बार प्रसूता महिलाओं की हालत बिगड़ने से उनकी मौत हो जाती थी। कई बार परिजनों अपने मरीज की मौत का जिम्मेदार महिला डॉक्टरों को मानते हुए हंगामा यहां तक की तोड़फोड़ भी कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण तथा ऑपरेशन सुविधा पर जोर देने से लोगों को इससे राहत मिली है। कई वर्षों बाद सिविल अस्पताल में शुरू हुए ऑपरेशन के बाद जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ऑपरेशन की शुरुआत होने से लोगों ने राहत महसूस की है।
परेशानीसे मिलेगी लोगों को निजात
अस्पतालमें ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने से पिछले कई समय से जिन प्रसूताओं को प्रसूति ऑपरेशन से होती थी उन्हें उनके परिजन यहां नहीं लाते हुए निजी अस्पतालों में लेकर जा रहे थे। ऑपरेशन कर प्रसूति कराने के लिए अस्पताल संचालकों द्वारा भारी भरकम राशि वसूली जाती थी। वहीं उन्हें जो सुविधाएं मिलना चाहिए थी वह भी नहीं मिल पाती थीं। अस्पताल प्रभारी डॉ.एचएल दलोद्रिया का कहना है कि अभी भवन निर्माण चल रहा है। इस कारण जो अति आवश्यक ऑपरेशन हैं वहीं किए जा रहे हैं।
हादसों में होने वाले घायलों को मिलेगा तुरंत लाभ
चारहाईवे के बीच बसा आष्टा शहर के सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सुविधा नहीं होने से प्रतिदिन सड़क हादसों में लोग अपनी जान गवां देते हंै। सिविल अस्पताल में सड़क हादसों में घायलों को लाया जाता है जिन्हें किसी प्रकार की सुविधा नहीं होने के कारण भोपाल या फिर जिला मुख्यालय रेफर कर दिया जाता है। इसमें बीच में ही कई लोगों की मौत हो जाती है। सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं के लिए ब्लड स्टोरेज सेवा की सुविधा भी जरूरी है।
उपकरणबढ़ाए जाएंगे
^सीजरऑपरेशन की शुरुआत की गई है। इसमें एक सीजर किया गया है। उपकरण अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। डॉ.प्रवीर गुप्ता, बीएमओ