पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पीओएस मशीन का सर्वर खराब होने से आष्टा और जावर का राशन रोका

पीओएस मशीन का सर्वर खराब होने से आष्टा और जावर का राशन रोका

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कई लोंगों का खाता लिंक नहंी हो पाने से दो माह का राशन मिलना था

भास्कर संवाददाता | आष्टा

इस महीने में अभी तक आष्टा और जावर तहसील में पीडीएस की दुकानों से उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल सका है। पीओएस मशीन के एनआईजी सर्वर में खराबी आने को इसकी वजह बताया जा रहा है। जिन लोगों ने पिछले महीने राशन नहीं लिया था उनको दो माह का राशन मिलना है, लेकिन बायोमेट्रिक मशीन का डाटा एक महीने का राशन ही देना बता रहा है। इसे देखते हुए खाद्य अधिकारियों ने राशन वितरण पर रोक लगा दी है।

जनवरी से ही उन उपभोक्ताओं को उचित मूल्य की दुकानों से राशन का वितरण नहीं किया गया था जिन लोगों ने अपने बैंक खातों का लिंक नहीं कराया था। इस वजह से अधिकांश लोगों को राशन से वंचित रहना पड़ा था। उन लोगों को बैंक खाता लिंक कराने के बाद फरवरी माह में दो महीने का राशन एक साथ दिया जाना था। जबकि बायोमेट्रिक मशीन का सर्वर खराब होने से वह उपभोक्ताओं का डाटा शो नहीं कर रही है। जिन लोगों को दो माह का राशन 40 किलो मिलना है मशीन 20 किलो ही शो कर रही है। इसी तरह जिसने राशन ले लिया था उसका डबल शो कर रही है। नगर व ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर करीब 83 मशीन खराब होने से उन्हें डाउनलोड कराने के लिए सीहोर भेजा गया है।

गौरतलब है कि शासन पीडीएस सिस्टम को आम लोगों के लिए आसान बनाने तथा काला बाजारी करने वाले लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पीओएस मशीन का उपयोग किया था।

शुरुआत से आ रही समस्या, नहीं निकलती पर्ची
नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र की सभी पीडीएस दुकानों पर पीओएस प्वाइंट ऑफ सेल मशीनें लगाई जा चुकी हैं। राशनकार्ड धारी के अंगूठे की पहचान कंप्यूटर में होने बाद ही राशन दिया जा रहा है। मशीनों में शुरुआत से ही सर्वर की समस्या आ रही है। कोठरी में तो बीते माह का राशन ही नहीं बांट पाया है। मशीन की स्थिति यह हैं कि कहीं सर्वर काम नहीं कर रहा है तो कहीं पर्ची नहीं निकल रही है।

काला बाजारी पर लग रही रोक
अभी तक उचित मूल्य की दुकान के दुकानदार ही बोगस राशन कार्ड बनवाकर राशन की कालाबाजारी करते थे। इस सिस्टम के लागू होने के बाद फर्जी राशन कार्डों पर तो रोक लग रही है। साथ ही कालाबाजारी पर भी शिकंजा कसेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल तथा अंत्योदय कार्ड धारियों को सस्ती दर पर गेहूं, चावल व शक्कर प्रदान की जाती है।

विकासखंड में उपभोक्ताओं की स्थिति
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में जनवरी माह में पाइंट सेल मशीन के चलते राशन मिलने में देरी हुई थी। इसके बाद खाता नंबर के कारण राशन नहीं मिल पाया था। वहीं अब मशीन खराब होने से राशन नहीं मिला है। खाद्य विभाग के अनुसार आष्टा नगर पालिका के अंतर्गत 8 हजार 365 उपभोक्ता हैं। नगर पंचायत जावर में 1267 उपभोक्ता, नगर पंचायत कोठरी में 1256 उपभोक्ता तथा ग्रामीण क्षेत्र में 39 हजार 165 उपभोक्ता संख्या है। कुल उपभोक्ताओं की संख्या मिलाकर 50 हजार 53 है।

सर्वर में खराबी से नहीं हुआ वितरण
मशीन के सर्वर में खराबी आने से डाटा नहीं निकल रहा है। इस कारण से इस महीने क्षेत्र में राशन वितरण को रोका गया है। राजेश तिवारी, कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी

डाटा के साथ नहीं निकल रही पर्ची, उपभोक्ता हो रहे परेशान
मशीन का सर्वर खराब होने से पिछले महीने राशन नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं का डाटा दो महीने की जगह एक महीने का राशन देना बता रहा है। जबकि कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी राजेश तिवारी का कहना है कि जिन ग्राहकों ने पिछले महीने का राशन नहीं लिया था उनको दो महीने का राशन देना था। जबकि मशीन एक माह का राशन बता रही है। इसी तरह सर्वर डाउन होने की वजह से पर्चियां नहीं निकल पा रही है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए राशन वितरण को सभी दुकानों से बंद कर दिया है।

सुधार काम पूरा होने से सोमवार से राशन मिलने की उम्मीद
आष्टा व जावर तहसील की पीडीएस दुकानों से आधा महीना बीतने के बाद भी राशन नहीं मिल पाया है। इसकी वजह यह है कि विकासखंड की सभी 83 दुकानों की मशीनों का सर्वर खराब होने के कारण इनमें सुधार कार्य एनआईजी भोपाल कर रही है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री तिवारी ने बताया कि मशीनों का सुधार कार्य पूरा होने को है। संभवत सोमवार से राशन का वितरण किया जा सकता है।

राशन के लिए घंटों इंतजार
नगर के सुरेश मालवीय ने बताया कि जबसे मशीन से राशन मिल रहा है तबसे परेशानी और बढ़ गई है। इसी तरह मोहम्मद चांद ने बताया कि राशन लेने के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ता है। उस समय अधिक परेशानी होती है जब मशीन अचानक बंद या खराब हो जाती है। उल्लेखनीय है कि बायोमेट्रिक मशीन को चालू करने के लिए पहले सेल्समेन को अपना अंगूठा स्केन करना पड़ता है। इसके बाद मशीन चालू होती है। उसके बाद उपभोक्ताओं के अंगूठे का निशाना मेच होने के बाद खाद्य पर्ची से राशन वितरण होता है।

नगर और ग्रामीण क्षेत्र की 83 मशीनों को सुधारने के लिए सीहोर भेजा
खबरें और भी हैं...